अन्ना की लहर

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हम और आप भ्रष्टाचार की इस मुहिम में शामिल है आखिर क्यूं ये सवाल पैदा होना लाजिमी है। रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में हम भ्रष्ट तंत्र से दो चार होते है। देश के कोने कोने में अन्ना की लहर है, आज़ादी के बाद यह सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक आन्दोलन है। अहिंसा, सत्याग्रह ये शब्द ही केवल नहीं बल्कि इसी हथियार के बदौलत हमने अपनी आज़ादी को पाया है। आज़ाद भारत में भ्रष्ट तंत्र को आम आदमी कब तक बर्दास्त करेगा । हामारे नेता निष्ठुर हो गए है नेतृत्व को पटरी पर लाने का काम अब जन आन्दोलन है ऐसे में सरकार का यह जन आन्दोलन को कुचलने का यह मनमाना रोवैया लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। अन्ना हजारे के पीछे जनता खुद की आवाज़ में भ्रष्ट्र तंत्र के किलाफ सडको में उत्तर आई है। गाव गाव शहर शहर अन्ना की लहर बहती रहेगी और करवा जुड़ता रहेगा और जनतंत्र और सशक्त होगा। निसंदेह।
1 Comment
  1. Brijesh Verma says

    wht's your facebook id sir je

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