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अप्रैल, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

टीईटी मेरिट से चयन प्रकिया को वे लोग ही बदलना चाहते है

आज बहस के दौरान जब याची के अधिवक्‍ता आलोक यादव से जज ने पूछा तो इस प्रक्रिया में आपको क्‍या फायदा है तो दोस्‍तों आज केबहस में जज का यह प्रश्‍न करना हमारे लिए पक्ष में है क्‍योकि हमारे आंदोलन ने इस सच्‍चाई को सामने लाय कि टीईटी मेरिट से चयन प्रकिया को वे लोग ही बदलना चाहते है जो टीईटी में कम नंबर पाये हैं या जिनका एकेडमिक में नंबर ज्‍यादा है जैसा कि हम जानते है कि विज्ञापन की छोटी कमियों का फायदाउठाने के लिए कोर्ट गये है और इतने दिनों तक भर्ती प्रक्रिया को लटकायाने का प्रयास किया ताकी अगली सरकार आकर भर्ती में धांधली का आरोपलगाकर चयन प्रक्रिया को बदल दे या विज्ञापन को निरस्‍त करने के लिए सारा दिमाग का खेल खेला जा रहा है। अब याची इसे टीईटी बनाम एकेडमिक मेरिट बनाया जा रहा है। अब प्रश्‍न उठता है कि जब पिछली सरकार ने केबिनट में टीईटी मेरिट चयन का आधार बदल कर दिया तो यह बहुमत की ही सरकारने किया दूसरी बात हाईकोर्ट में यह मामला गया जहां कोर्ट ने टीईटी मेरिट को सही कहा और इसके खिलाफ रिट को खरिज कर दिया। यानी अब बहस उसी ओर जा रही है। आशा है कि हमारी ही अब जीत होगी विज्ञापन यथावत रहेगा और चयन इस

अच्‍छे शिक्षक ही देश के भाग्‍य निर्माता बनाते हैं।

आज हम इस मुकाम पर है जहां संघर्ष हमारे जीवन को बदल देगा। जाहीर है कि प्राइमरी शिक्षा के इतिहास में अनिवार्य निश्‍शुल्‍क शिक्षा के बाद टीईटी और इसके बाद इसकी मेरिट से चयन हम एक नए बदलाव की और बढ़ रहे हैं। निश्‍चित अब योग्‍य और कर्मठ शिक्षकों की चुनाव करना आसान होगा। और हर प्राथमिक स्‍कूल में गूणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा मिलेगी। प्राथमिक शिक्षा का नजरिया बदलेगा लोग कहेंगे कि ये है टीईटी मेरिट वाले टीचर काश सरकार ने पहले ही इनकों नियुक्‍त किया हाता तो हम शिक्षा के क्षेत्र में बहुत आगे होते है। हमारे गांव की कायाकल्‍प हो जाती। लेकिन देर आये दुरूस्‍त वाली कहावत सही है। टीईटी मेरिट से चयनित टीचर शिक्षा के स्‍तर में अमूलचूल बदलाव लाने के लिए तैयार है और इस सपथ के साथ कि हमें न्‍याय मिला है तो हम बच्चों को भी गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा देंगे। देश के विकास में भागीदारी बने और हमारे देश को निर्माण करेंगे। अच्‍छे शिक्षक ही देश के भाग्‍य निर्माता बनाते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार टीईटी अभ्यथियों से खेल खेल रही है।

Uptet government playing game with TET”s candidate उत्तर प्रदेश सरकार टीईटी अभ्यथियों से खेल खेल रही है। यूपी में टेट को लेकर जिस तरह से सरकार पिछले तीन–चार महीने से लुका छिपी खेल रही है और विज्ञापन के अनुसार भर्ती करने के अपने कर्तव्य से पीछे हट रही है। ऐसे में नौकरी की आस लगाये बैठे टीईटी उतीर्ण बेरोजगारों में जबरदस्त आक्रोश है। इलाहाबाद में उतीर्ण टीईटी बेरोजगार आशीष हताश हैं। उनका कहना है कि पिछली सरकार ने उनके साथ भदृदा मजाक किया है। वे दुखी होकर बताते हैं कि टीईटी मेरिट से चयन प्रक्रिया के लिए हमने मेंहनत से तैयारी की और जब नौकरी देने की बात आई तो विज्ञापन पर रोक लगाया गया जिसके लिए परिक्षार्थी कैसे जिम्मेदार हैं। वहीं वे कहते हैं कि नई सरकार से हमें बहुत उम्मीदें थीं कि जल्द से जल्द टीईटी मेरिट से चयन प्रक्रिया शुरू करेगी लेकिन सरकार भी उनके साथ ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे एक जिद्दी छोटा बच्चा खेल जीतने के लिए बीच में नियम बदलने और बईमानी की बात कहता है। वहीं राजपूत मानते है कि देर से सही पर वर्तमान सरकार को यह बात समझ में आएगी कि हमारे साथ धोखा हुआ है वे हमारी पीड़ा समेझेंगे और

हरियाणा में टीचर बनने का सपना हकीकत बनते नजर नहीं आ रही है

Hariyana me teacher banne ka spna hkikut bnate najar nahee a rhaee hai srkar tender par teacher rakhkar RTE ke uddeshya ko bhool rahee hai. Iska verodha karna jaroori hai. हरियाणा में टीचर बनने का सपना हकीकत बनते नजर नहीं आ रही है । यहां सरकार अब अनुंबध के आधार पर प्राथमिक टीचर की भर्ती करने का मन बना लिया है। वहीं हरियाणा राजकीय विद्यालय संघ ने इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया है। शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहीं राज्य सरकार ऐसे निर्णय ले रहीं है जिससे निश्शुल्क अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत अच्छी शिक्षा देने के उदृदेश्य से इतर कार्य कर रहीं है। अनुबंध आधार पर शिक्षकों की नियुक्‍ति कर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता के साथ खिलावाड़ कर रही है। जब शिक्षक की नौकरी ही अस्थाई और कम वेतन पर रखे जाएंगे तो कैसे उम्मीद की जा सकती है कि प्रतिभावान शिक्षक मिलेंगे। जबकि अन्य सूचना प्रंबधन आदि में उच्च प्रतिभा पलायन करती है कारण साफ वहां पर अच्छा वेतन और सेवा शर्तें हैं। अगर राज्य सरकारे शिक्षा अधिकार कानून के महत्व नहीं समझेंगी और ऐसे निर्णय लेगी तो निश्चित यह कानून अपने लक्ष्य को प्राप्त नह

क्या मीडिया टीईटी मेरिट के मुद्दे पर विमर्श से बच रही है ॽ

क्या मीडिया टीईटी मेरिट के मुद्दे पर विमर्श से बच रही है ॽ        पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। सवाल उठता है कि मीडिया समाजिक मुददों पर आज क्यों इतना मौन है। शिक्षा एक ऐसा मुद्दा है जिस पर मीडिया की भूमिका स्पष्ट   होनी चाहिए।        शिक्षा अधिकार कानून आने के बाद राज्य सरकारें टीईटी और नियुक्‍ति जैसे मामले में कोई सार्थक फैसला नहीं ले रही है और ना ही एनसीटीई की गाईड लाइन को ठीक ढंग से लागू कर पा रही है। प्राथमिक टीचर भर्ती पर विवाद बना है लेकिन मीडिय तनिक भी रूचि नहीं ले रही है। क्या टीईटी मेरिट सही हैॽ एकेडमिक मेरिट से अंतिम चयन कहां तक जायज हैॽ इसके प्रभाव क्या हैॽ क्यों नियमों में परिवर्तन किया जा रहा हैॽ इसके पीछे क्या मंशा है। जैसे मुद्दों पर मीडिया भी सही पत्रकरिता नहीं कर रही हैॽ कहीं कहीं तो अपनी रिपोर्ट में आरटीई एक्ट और एनसीटीई आदि के गाईड लाइन को बिना समझें खबरें बनाई जा रही है। मीडिया एक तरफ स्कूलों में नकल की खबरें छापती है तो दूसरी तरफ एकेडमिक मेरिट की आलोचना से दूर रहती है। मीडिया में विमर्श नहीं हो रहा हैॽ नकल माफियों के मन मुताबिका सब हो रहा है। अनिवा

शिक्षा अधिकार कानून के दो साल बाद भी नहीं चेती राज्य सरकारें

शिक्षा अधिकार कानून के दो साल बाद भी नहीं चेती राज्य सरकारें      हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था हाशिए पर है। शिक्षा अधिकार कानून के लागू होने के दो साल बाद भी हमारी सरकारें सो रही हैं। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन करने का प्रावधान है। लेकिन अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी के बाद शिक्षकों का चयन नहीं हो पाया है। इससे पता चलता है कि राज्य सरकारें शिक्षा जैसे जरूरी मुद्दे पर सरकार मौन है। उत्तर प्रदेश में टीईटी परीक्षा और प्राईमरी शिक्षक भर्ती के विज्ञापन पर पेच उलझा हआ है। वहीं राजस्थान टीईटी और शिक्षक चयन में भी वहां की सरकार कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। हरियाणा टीईटी और चयन प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार और छात्रों के बीच मतभेद है। राज्यों का हाल ये तब है जब एनसीटीई के गाइड लाइन के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों की योग्यता स्पष्ट है। लेकिन राज्य सरकार की इच्छा शक्‍ति की कमी के चलते भर्ती प्रक्रिया बाधित है। भर्ती प्रक्रिया और चयन के मामलों का निपटारा अब कोर्ट के हाथों में है। शिक्षकों के चयन संबधित सरकार के उचित फैसला न लेने से मामला कोर्ट

Sarkari Naukri Recruitment Result - UPTET, BETET Merit/Counselling/Appointment: RTE : कितना मुफ्त कितना अनिवार्य

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अखिर कब होगा टीईटी मेरिट से चयनǃ

अखिर कब होगा टीईटी मेरिट से चयनǃ धोखाǃ धोखाǃ टीईटी पास करने वालों बेरोजगारों से। टीईटी से मेरिट को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी जहां हाईकोर्ट ने टीईटी मेरिट को अच्‍छी प्रक्रिया माना। टीईटी मेरिट से चयन के लिए धरना प्रदर्शन आंदोलन डण्‍डे बेरोजगारों को खाना पड़ा। मुख्‍यमंत्री का आश्‍वासन पाकर छात्र रूक गये लेकिन थके नहीं। आज जब यह रिपोर्ट आ रही है कि टीईटी को रद् कर दिया जाये और चयन का आधार हाईस्‍कूल इण्‍टरमीडिएट बीए के अंक से चयन होगा इसके लिए नियमों में परिवर्तन होगा। क्‍या टीईटी उतीर्ण करने वाले छात्र के साथ अन्‍याय नहीं हो रहा हैॽ आखिर ऐसी व्‍यवस्‍था पर मुहर क्‍यों लगाई जाएगी। जिससे केवल नकल माफियों को और नकल की प्रवृत्‍ति को बढ़ावा ही मिलेगा।  क्‍या सभी पहलुओं पर गौर हुआ हैॽ इस रिपोर्ट को तैयार करने में सभी पहलुओं पर ध्‍यान दिया गया हैॽ यह सवाल हर एक के मन में गूंज रहा है। क्‍या यह नहीं दिखता कि किस तरह से यूपी बोर्ड में धुंआधार नकल होती है। बीएड डिग्री कालेज भी चाहते है कि उनके कालेज में नंबर पाने के लिए हजारों रूपये देने वाले छात्र मिले। क्‍या सभी बोर्ड और यूनिवर्सिटी में एक ह
शिक्षकों की भर्ती में टीईटी मेरिट है तर्कसंगतǃ शिक्षा के अधिकार कानून के तहत 14 साल तक के बच्‍चों को निश्‍शुल्‍क शिक्षा देना अब राज्‍य की जिम्‍मेदारी है। इस कानून को बने 2 साल हो गये लेकिन अभी उत्‍तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। जबकि पिछली सरकार की भर्ती प्रक्रिया में पेच उलझ गया है। चयन प्रक्रिया टीईटी के मेरिट से होना तय था। लाखों अभ्‍यर्थियों ने इस परीक्षा को उतीर्ण किया और सहायक प्रशिक्षु शिक्षकों के पद के लए अलग अलग 75 जिलों में आवेदन किया। लेकिन वर्तमान में उत्‍तर प्रदेश सरकार इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। वहीं टीईटी उतीर्ण सरकार की इस बेरूखी से विधान सभा के पास अनशन पर बैठ गए हैं। 30 मार्च से चल रहे इस अनशन का आज 2 अप्रैल को चौथा दिन है लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कोई लिखित आश्‍वासन नहीं मिला। वहीं दूसरे दिन से कई छात्रों की अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ गई। अनशनकारियों की मांगे साफ है कि हमने आवेदन किया और उसके मुताबिक परीक्षा उतीर्ण की इसलिए चयन के अधिकार से हमें वंचित नहीं किया जा सकता है। अगर कहीं कुछ लोगों ने गड़बड़ी की है तो

टीईटी मेरिट से ही मिलेंगे अच्‍छे शिक्षक

टीईटी मेरिट से ही मिलेंगे अच्‍छे शिक्षक उत्‍तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी को रदृ करने की खबरों से टीईटी उतीर्ण छात्रों में रोष है। पिछली सरकार ने प्राथमिक शिक्षक के लिए 72825 पद के विज्ञापन निकाला था। लेकिन सरकार बदलते ही निर्णय बदलने की संभावना के चलते टीईटी उतीर्ण अभ्‍यर्थियों का भविष्‍य दांव पर लग गया है।     विज्ञापन में टीईटी मेरिट के आधार पर चयन की बात की गई है। जबकि इसके पूर्व प्राथमिक विद्‍यालयों में चयन का आधार एकेडमिक मेरिट था। जबकि नई सरकार टीईटी मेरिट से होने वाली चयन प्रक्रिया को बदलने की तैयारी में है। बता दें की इससे पहले भी एकेडमिक मेरिट के चयन के आधार पर प्राथमिक टीचरों की भर्ती हो चुकी है। जिसमें यूपी बोर्ड से हाईस्‍कूल इण्‍टर करने वाले छात्र सीबीएससी  बोर्ड की तुलना में एकेडमिक मेरिट मे काफी पीछे रह गये। ऐसे बीएड उतीर्ण उम्‍मीद्‍वार जिनका किसी कारण से एकेडमिक मेरिट कम है। उन्‍होंने अपनी एकेडमिक मेरिट से नौकरी मिलने की संभावना छोड़ चुके थे। लेकिन शिक्षा अनिवार्य कानून के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य होने से और टीईटी के मेरिट या फिर किसी प्रतिय

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लघु-कथा' CBSE BOARD CLASS 9 NEW SYLLABUS LAGHU KATHS LEKHAN

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