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जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी







बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं?
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हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

पेंग्विन उड़ती नहीं पर तैराकी लाजवाब

पेंग्विन के बारे में जानते हो? बर्फ से ढके दक्षिणी ध्रुव (अंटार्टिका) में ये खूब पाए जाते हैं। इनकी कई प्रजातियां दक्षिणी अमेरिका, दक्षिणी अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के गर्म क्षेत्रों में भी पाई जाती हैं। पेंग्विन पक्षी अपने पंखों (फ्लिपर्स) के सहारे बहुत गहरे पानी में 6० कि.मी. प्रति घंटा की रफ्तार से तैर सकते हैं।

ये मछली और छोटे जीवों की तलाश में समुद्र के करीब 25० मीटर गहरे पानी में गोता लगा सकते हैं। इनकी सबसे बड़ी प्रजाति एंपेरर पेंग्विन की है, जो करीब 3 फुट लंबे और 35 कि.ग्रा. वजन के होते हैं और सबसे छोटा लिटिल ब्ल्यू पेंग्विन करीब 12-13 इंच लंबा और एक किलोग्राम वजन का होता है। पेंग्विन का शरीर वसा की मोटी परत और पंखों की तीन लेयर्स से ढका होता है, जिससे ये दक्षिणी ध्रुव के कंपकंपा देने वाले वातावरण में अपना बचाव करते हैं। ये पानी के अंदर 18 मिनट तक आसानी से रह सकते हैं। इनके छोटे-छोटे पंख काफी शक्तिशाली होते हैं। पेंग्विन बर्फ की बजाय पानी में बड़े आराम से चल सकते हैं। इनकी पूंछ और झिल्लीदार पैर इन्हें पानी में बहुत तेजी से धकेलते हैं। इस तरह से पैंग्विन यहां पर रहने के कारण उड़ने की जगह एक अच्छी तैराक हो गई। वैज्ञानिक बताते हैं कि इसका कारण यहां के पानी में ढेर मछलियां हैं, जो इनका भोजन है। इसीलिए पैंग्विन की प्रजाति तैरने में महारत हासिल कर लिया ताकि भोजन आसानी से मिल जाए।

सबसे तेज उड़ने वाला फॉल्कान
फॉल्कान के पंख पतले और नोकदार होते हैं। इस कारण से यह पक्षी दुनिया की सबसे तेज उड़ान भरती है, तुम्हें जानकर हैरानी होगी की यह एक घंटे में 2०० मील की तेजी से उड़ सकती है। नार्थ अमेरिका में पाए जाने वाली प्रजाति प्रेगरिन फॉल्कान बड़े कौआ के आकार के बराबर होता है। लगभग एक किलोग्राम के हल्के वजन के कारण यह बहुत तेजी से उड़ सकता है। इतनी तेज उड़ान भरने के लिए फॉल्कान के शरीर में दो फेफड़े होते हैं। उड़ते समय इनका दिल एक मिनट में 6०० से 9०० बार धड़कता है। फॉल्कान आठ से दस साल तक जिंदा रहता है।



छोटी हमिंग बर्ड के बड़े कारनामे
इंद्रधनुष की तरह रंगीन पंखों वाली हमिग बर्ड छोटे पक्षियों के ट्रोचिलीडाय परिवार का हिस्सा है। आमतौर पर हमिग बर्ड 2-2.5 इंच लंबी होती है। उसमें भी उसकी लंबाई के आधे भाग में पूंछ और चोंच आती है। लेकिन कुछ 8 इंच लंबी भी होती हैं, जो मैना के आकार की होती हैं और चिली के वनों में पाई जाती हैं। हमिग बर्ड एक सिक्के (2.5 ग्राम) से भी कम वजन की होती हैं। इसका वजन केवल 2 से 2० ग्राम होता है। हमिग बर्ड की चोंच आगे से थोड़ी मुड़ी हुई और लचीली होती है। यह पराग पीने के लिए फूल के अंदर आसानी से पहुंच जाती है और एक दिन में 1००० फूलों का रस पीती है। इनकी जीभ काफी लंबी और डब्ल्यू के आकार में दो भागों में बंटी होती है। जीभ पर छोटे-छोटे बाल होते हैं, जो फूलों का रस चूसने में सहायता करते हैं। यह छोटी-सी बर्ड दिन भर में हर 1० मिनट में खाना खाती है। ये अपने शरीर के वजन का 5० प्रतिशत तक खाना खा लेती हैं। इनके पैर बहुत कमजोर होते हैं, इसलिए ये मुश्किल से चल पाती हैं। लेकिन अपने पैरों की मदद से ये पेड़ की टहनियों को कसकर पकड़ लेती हैं और खड़े-खड़े सो सकती हैं। हमिग बर्ड दुनिया की अकेली ऐसी बर्ड है, जो आगे, पीछे, दाएं-बाएं, किसी भी दिशा में उड़ सकती है। फूलों का रस पीते समय यह 22-72 बार अपने पंख फड़फड़ाती हुई हवा में एक ही जगह उड़ती रहती है। इसी कारण इसकी अपनी पहचान है। यह 6०-8० किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकती है और 6० मील की दूरी पर डाइव लगा सकती है। इन्हें लाल और नारंगी रंग के ट्यूबलर प्रकार के फूल खास पसंद हैं, क्योंकि इनमें इनकी चोंच आसानी से चली जाती है। ये छोटे कीड़े भी खाती हैं, जिनसे इन्हें प्रोटीन मिलता है। हमिग बर्ड 4-5 साल तक जिदा रहती हैं। ये अकसर सांप, उल्लू या बड़ी पक्षियों का शिकार बन जाती हैं।


इन्हें भी जानों

- हरियल नाम का पक्षी, जो भारत में पाया जाता है। ये जमीन पर कभी पैर नहीं रखती है, केवल उड़ती है और पेड़ों पर आराम करती है।
- प्रडूल नाम का भूरे रंग का नर तोता अफ्रीका में पाया जाता है, ये सबसे बातूनी पक्षी है। तुमसे घंटों बात करेगा और तुम्हें सोने नहीं देगा।
-ऑस्ट्रेलिया में पाई जाने वाली पिट्टा नाम का यह पक्षी बहुत खूबसूरत है, इसकी खूबसूरती का राज पंख है, जो 9 रंग के होते हैं।
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ऑस्ट्रेलिया में हंस की ऐसी प्रजाति पाई जाती है, जो काले रंग की होती है।



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