Laghu Katha Lekhan CBSE Board सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Laghu Katha Lekhan CBSE Board

   लघु कथा कैसे लिखें, उदाहरण से समझें CBSE board hindi 


प्रस्थान बिंदु के आधार पर लघु कथा (laghu katha)  लिखना। CBSE Board 9th class Laghu Katha lekhan दसवीं बोर्ड की कक्षा 9 के सिलेबस में और कई  बोर्ड की परीक्षा में इस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं।  (new syllabus 2020 Laghu Katha lekhan)


  दिए गए प्रस्थान बिंदु (prasthan Bindu) का मतलब है कि दो या चार लाइन लघुकथा के दिए होते हैं। उसके बाद आपको 80 से 100 शब्दों में लघुकथा को पूरा करना होता है। उसका एक शीर्षक (title) लिखना होता है। 

नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy) में भाषा में रचनात्मक लेखन (Creative Writing) को बढ़ावा दिया गया है। इसलिए  हिंदी Hindi, अंग्रेजी, मराठी  उर्दू किसी भी भाषा के पेपर में संवाद लेखन, लघुकथा, लेखन अनुच्छेद, (anuchchhed lekhan) लेखन विज्ञापन लेखन, (Vigyapan lekhan) सूचना लेखन (Hindi mein Suchna lekhan) जैसे टॉपिक में नई शिक्षा नीति के ( new education policy 2020) अंतर्गत सिलेबस में रखे गए हैं। 


लघुकथा लेखन 9 व 10 की परीक्षा में पूछा जाता है Laghu katha lekhan in Hindi in board examination


आप हाईस्कूल और इंटर में किसी भी बोर्ड (CBSE board) में पढ़ाई कर रहे हैं तो   संबंधित सिलेबस को ध्यानपूर्वक पढ़ें। लेखन से संबंधित किसी तरह की समस्या हो तो कमेंट बॉक्स में लिखकर, मुझसे प्रश्न पूछ सकते हैं, सारी समस्याओं का समाधान आपको जल्दी दूँगा। 


 एक लघुकथा लिखने के लिए दे रहे लेकिन उसका उत्तर भी मैंने दिया है ताकि आपको पता चल सके प्रस्थान बिंदु पर किस तरह से सोचकर   लिखा जाता है। लेकिन उससे पहले महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करेंगे,  एक लघुकथा लिखने से पहले आपकी सोच क्या होनी चाहिए।


  दिए गए प्रस्थान बिंदु से लघुकथा लिखने के लिए प्रस्थान बिंदु को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चिंतन मनन करें।


 लघु कथा एक छोटी कहानी ही होती है लेकिन आपको इसे कम शब्दों में लिखना होता है। और कहानी की तरह इसका अंत भी एक सार्थक तरीके से होना चाहिए यानी सही तरीके से होना चाहिए। New Gyang 


 लघुकथा लिखते समय किसी करैक्टर के संघर्ष या कोई प्रशंसा वाले काम  को दिखा सकते हैं। उसको वह किस तरह से करता है। सबके सामने एक मिसाल यानी उदाहरण रखता है। कुछ ना कुछ बदलाव लाता है। या जिंदगी के किसी एक  पहलू में मानवीय गुणों कोजैसे भलाई करना, ईमानदारी करना, दया करना, मदद करना  इत्यादि बातों को भी लघु कहानी में लिख सकते हैं। 

इस तरह की सकारात्मक लघुकथा भी आप लिख सकते हैं क्योंकि परीक्षा में इसी तरह की लघुकथा लिखनी चाहिए।

सीबीएससी बोर्ड कक्षा 9 संवाद लेखन उदाहरण सहित

लघुकथा उदाहरण से समझे


जैसे मान लीजिए कि स्वच्छता अभियान को लेकर कोई प्रस्थान बिंदु (Prasthan Bindu) है और उसमें एक करैक्टर राजीव है, जो अपने घर के सामने ढेर सारी गंदगी से परेशान हैं। लोग ने पार्क को कूड़े के ढेर में बदल दिया है। वह अपने मोहल्ले के सभी  व्यक्तियों को समझाता है कि इस तरह से गंदगी नही फैलानी चाहिए लेकिन कोई उसकी बात नहीं सुनता है। एक दिन  राजीव खुद ही सफाई करने के लिए  पार्क में चला जाता है। मोहल्ले के बच्चे जब राजीव को पार्क में सफाई करते हुए देखते हैं तो वह लोग भी धीरे-धीरे वहां सफाई करने के लिए इकट्ठा हो जाते हैं। उन बच्चों को भी अपना कर्तव्य और दायित्व समझ में आता है। इस तरह देखा देखी बड़े लोग भी पार्क में राजीव के साथ सफाई करने लगते हैं।  सभी लोगों का इस तरह का प्रयास पूरे मोहल्ले को साफ सुथरा बना देता है और इस प्रयास की खबर अखबारों में शक्ति है और राजू को एक अच्छा इंसान और सिटीजन होने के कारण उसे उस शहर के मेयर पुरस्कार भी देते हैं।

 इस तरह से ये कहानी का प्लॉट हो गया। आप इस पर लघु कथा आसानी से लिख सकते हैं। सबसे कम शब्दों में लिखने का प्रयास करिए जब आप लिखते हैं तो शब्द बहुत बड़े और आनावश्यक शब्द आ जाते हैं जो भाषा के संप्रेषण में दिक्कत करती है तो इसलिए आप उनको सुधार सकते हैं। 

 बार-बार लिखने के प्रयास से ही आप लघुकथा लिखना सीख जाते हैं। आपके अंदर के जो विचार हैं व सटीक लघुकथा में आप लिख पाते हैं। साथ में करैक्टर को भी आप उसी के अनुरूप ढाल लेते हैं। आपके मन में जो संदेश है, जिसे आप लघु कथा के माध्यम से देना चाहते हैं, वह भी आप लघु कथा में दे पाते हैं इसलिए लघुकथा काफी बेहतरीन आपक लिख सकते है।


आप लघुकथा Laghu Katha में इन बातों को भी कहानी की तरह लिख सकते हैं।

बस सोचने का तरीका आपका होना चाहिए। इसमें डायलॉग भी आएंगे यानी इस तरह से डायलॉग करैक्टर बोल रहा है। उसे भी आपको लिखना होगा और मेन करेक्टर लघु कथा में ही होता है बाकी करैक्टर कम होते हैं। ज्यादा डायलॉग की जरूरत नहीं होती है। 

 यह कुछ तरीका जो है, आपको मैंने बताया है। आप जरूर ध्यान रखिएगा।

   

. निम्नलिखित प्रस्थान बिंदु के आधार 80 से 100 शब्दों  में एक लघुकथा लिखिए और उसका शीर्षक भी लिखिए।



लघु कथा लेखन पर वीडियो क्लास देखने के लिए क्लिक करें

   

 अब आपको  इस लघुकथा को पूरा करना है। इसके लिए आप प्रस्थान बिंदु यानी (जो दिया हुआ है) उसके आधार पर एक लघुकथा लिखेंगे।  prasthan Bindu


 लघु कथा लिखने के और उदाहरण

लघुकथा को पूरा करके मेरे दिए गए लघुकथा से मिलाइए और देखिए क्या अंतर आता है। तो उसमें कौन सा सुधार हो सकता है? आपके पास कोई प्रश्न हो  तो वेबसाइट के कमेंट बॉक्स में जरूर पूछिए। 

अगर इस आर्टिकल को आप पढ़ रहे हैं और छात्र हैं। आपकी परीक्षा के लिए लघुकथा लिखना भी जरूरी है तो आपको अभ्यास करना चाहिए।

 जो लोग लघुकथा लिखना चाहते हैं। हिंदी भाषा में या किसी और भाषा में। उनके लिए यह आर्टिकल काम का है इसलिए आप भी मेरे बताए गए तरीके का अनुसरण कीजिए यानी फॉलो कीजिए।


  प्रस्थान बिंदु के आधार पर  पूरी लघुकथा यहां पर लिखी है, अपनी लिखी गई लघुकथा से मिलाए- 


 राजू स्कूल से आ रहा था तो रास्ते में उसे एक बटुआ पड़ा मिला। उस बटुए को खोला तो उसमें ₹4000 और एक दवा का पर्चा था। ….


 रचना के आधार पर वाक्य trick

 राजीव को सोचते देर नहीं लगी।  अगले चौराहे पर कई  दवाओं की दुकानें थीं।  राजू भागकर वहाँ गया और दुकानदारों से पूछा कि  क्या कोई यहाँ पर दवा खरीदने आया था जिसके  पैसे  गिर गए हो और दवा नहीं खरीद  पाया हो। कई दुकानदारों से पूछने पर एक दुकानदार ने कहा, "एक लड़का आया था, उसने दवा के पैसे देने लिए जेब में हाथ डाला तो उसका बटुआ नहीं था।" 

 इतना सुनते ही राजीव ने कहा कि वह लड़का कौन है?  दुकानदार ने कहा कि मुझे नहीं मालूम। लेकिन पैसा लेने वह गया है,  दवा लेने के लिए जरूर वापस आएगा। राजू ने दुकानदार को सारी बात बता दी। कुछ देर बाद वह लड़का उस दुकान पर आया और एक नया पर्चा थमाते हुए कहा कि यह दवाई मुझे चाहिए।  दुकानदार ने बताया कि तुम्हारा बटुआ खोया था, वह मिल गया है। तो उस लड़के ने कहा, कैसे? तब राजू ने उसे बटुआ दे दिया। उसमें रखे पैसे उसने देखें तो वह खुश हो गया।  उसने राजू को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। दुकानदार ने भी राजू की ईमानदारी की तारीफ की। 

उस लड़के ने बताया कि उसके पिताजी बीमार हैं। उसने  ₹4000 इकट्ठा किया था। उसी पैसे से दवा लेने जा रहा था लेकिन रास्ते में पैसा गिर गया। इसके बाद वह  दवा लेने के लिए पैसे अपने मित्र से उधार  लेकर आया था।  उसने राजू की ईमानदारी की तारीफ की और कहा कि तुम एक अच्छे  बच्चे हो।  राजू बहुत खुश हुआ और फिर  खुशी से झूमता हुआ अपने घर की ओर चला गया।

इस लघुकथा का शीर्षक-  ईमानदारी।    Laghu Katha lekhan

----------

सीबीएससी बोर्ड विज्ञापन लेखन क्लास 10th

 अब अभ्यास के लिए कुछ प्रश्न

 the question for the practice in Laghu Katha Hindi the syllabus for 9th and 10th class of all board.




निम्नलिखित प्रस्थान बिंदु के आधार सौ से डेढ़ सौ शब्दों  में एक लघुकथा लिखिए और उसका शीर्षक भी लिखिए।



सूरज जैसे ही ढला वह अपने सामान बटोरने लगा। थैले में वापस छोटे-छोटे खिलौने उसके छोटे छोटे हाथों ने रखा। कुछ रेजगारी और नोट को गिनने के बाद आज वह बहुत खुश था।….

टिप्पणियां

टिप्पणी पोस्ट करें

Popular Article

लघु-कथा' CBSE BOARD CLASS 9 NEW SYLLABUS LAGHU KATHS LEKHAN

'लघु-कथा' CBSE BOARD CLASS 9 NEW SYLLABUS LAGHU KATHA LEKHAN  लघु और कथा शब्द से मिलकर बना हुआ है। लघु का अर्थ होता है- छोटा और कथा का अर्थ होता है-कहानी। इस तरह लघुकथा का अर्थ हुआ कि 'छोटी कहानी'। छात्रों हिंदी साहित्य को दो भागों में बाँटा गया है, पहला गद्य साहित्य और दूसरा काव्य साहित्य।  गद्य साहित्य के अंतर्गत कहानी, नाटक, उपन्यास, जीवनी, आत्मकथा विधाएँ आती हैं। इसी में लघु-कथा विधा भी 'गद्य साहित्य' का एक हिस्सा है। कहानी उपन्यास के बाद यह विधा सर्वाधिक प्रचलित भी है। आधुनिक समय में इंसानों के पास समय का अभाव होने लगा और वे कम समय में साहित्य पढ़ना चाहते थे तो  'लघु-कथा' का जन्म हुआ। लघु कथा की परंपरा हमारे संस्कृति में 'पंचतंत्र' और 'हितोपदेश' की छोटी कहानियों  से भी  रही है। इन कहानियों को लघु-कथा भी कह सकते हैं। आपने भी छोटी-छोटी लघु कहानियाँ अपने बड़ों से जरूर सुनी होगी।  'पंचतंत्र' में इस तरह की लघु-कथाओं में जीव-जंतु यानी जानवरों और पक्षियों के माध्यम से मनुष्य को नीति की शिक्षा यान

Sandesh Lekan Hindi CBSE board class 10, new syllabus

   Message Writing : संदेश लेखन का प्रारूप व उदाहरण Sandesh Lekan Hindi CBSE board class 10, new syllabus New syllabus CBSE board, New Topic Sandesh Lekhan  आज हम संदेश लेखन  (message writing) के बारे में चर्चा करेंगे।  कई बोर्ड की परीक्षाओं में (CBSE board MP Board UP Board) और कंपटीशन यह आजकल संदेश लेखन पर प्रश्न आता है। इन प्रश्नों को करने के लिए आपको संदेश लेखन का ज्ञान होना जरूरी है। सीबीएससी बोर्ड के हाईस्कूल में इस बार संदेश लेखन 5 अंक का बोर्ड की परीक्षा में आएगा।   नई एजुकेशन पॉलिसी  (new education policy 2020) में  कई सब्जेक्ट  के सिलेबस में बदलाव होने वाला है। रटने की जगह समझने वाली और व्यवहारिकता कुशलता बढ़ाने वाली। इसीलिए इस बार CBSE बोर्ड की परीक्षा के सिलेबस में बदलाव किया गया है।  लेखन करना आपको आना चाहिए। जिसमें पत्र लेखन (letter writing in Hindi), अनुच्छेद लेखन (paragraph writing in Hindi), संदेश लेखन (message writing), सूचना लेखन, संवाद लेखन (dialogue writing in Hindi), सार लेखन (summary writing in Hindi) इन सब की जरूरत  पढ़े लिखे इंसान को पड़ती  है।  लेखन  कार्यालय

ओले क्यों गिरते हैं?

जानकारी रिंकी पाण्डेय ओले क्यों गिरते हैं? बच्चो, कई बार बारिश के दौरान अचानक पानी की बूंदों के साथ बर्फ के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। इन्हें हम ओले कहते हैं। ये ओले आसमान में कैसे बनते हैं और ओले क्यों गिरते हैं? तो आओ ओले के बारे में पूरी बात जानें। बच्चों, तुम जानते हो कि बर्फ पानी के जमने से बनता है। अब तुम्हारे मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि आसमान में ये पानी कैसे बर्फ बन जाता है और फिर गोल-गोले बर्फ के टुकड़ों के रूप में ये धरती पर क्यों गिरते हैं? तुमने जैसा कि पढ़ा होगा कि पानी को जमने के लिए शून्य डिग्री सेल्सियत तापमान होना चाहिए, तुमने फ्रीजर में देखा होगा कि पानी के छोटे-छोटे बूंदें बर्फ के गोले के रूप में जम जाता है, ऐसा ही प्रकृति में होता है। हम जैसे-जैसे समुद्र के किनारे से ऊपर यानी ऊंचाई की ओर बढ़ते हैं, तब जगह के साथ ही तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। तुम इसे ऐसे समझ सकते हो, लोग गर्मी के मौसम में पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं, क्यों? इसलिए कि पहाड़ पर तापमान कम होता है, यानी मैदानी इलाके की तुलना में पहाड़ों पर तापमान ठंडी होती है। अब तुम्हें समझ में आ गया

जानो पक्षियों के बारे में

जानकारी बच्चो, इस धरती में कई तरह के पक्षी हैं, तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा कि हमिंग बर्ड नाम की पक्षी किसी भी दिशा में उड़ती है, तो कुछ पक्षी ऐसे हैं, जो अपने कमजोर पंख की वजह से उड़ नहीं पाते हैं। चलते हैं पक्षियों के ऐसे अजब-गजब संसार में और जानते हैं कि ये पक्षी कौन हैं? ----------------------------------------------------------------------- हवा में उड़ते हुए तुमने सैकड़ों पक्षियों को देखा होगा। लेकिन कई ऐसे पक्षी भी हैं, जो उड़ नहीं सकते, तो कुछ किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े विशालकाय पक्षी कभी उड़ा भी करते थे। पर समय गुजरने के साथ-साथ ये जमीन पर रहने लगे। इस कारण से इनका शरीर मोटा होता गया। उड़ान भरने वाले पंख बेकार होते गए और वो छोटे कमजोर पंखनुमा बालों में बदल गए। इनके बारे में तुम जानते हो, शतुर्गमुर्ग, जो ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह उड़ नहीं सकता है लेकिन जमीन पर ये 7० किलोमीटर घंटे की गति से दौड़ सकता है। ऐसे ही कई रेटाइट्स बर्ड परिवार से जुड़े पक्षी की लंबी लिस्ट हैं, जिनमें पेंग्विन, इम्यू, कीवी, बतख आदि आते हैं।

आओ जानें डायनासोर की दुनिया

अभिषेक कांत पाण्डेय स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’  खूब धूम मचाया। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। तुमने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहां चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में तुम अवश्य जानना चाहोगे। कई तरह के थे डायनासोर स्टीवन स्पीलबर्ग की जुरासिक पार्क फ्रेंचाइजी की नई फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड’ आपनेे देखा होगा। इससे पहले भी एक फिल्म 'जुरासिक पार्क’ आई थी, जिसने पूरी दुनिया में डायनासोर नाम के जीव से परिचय कराया था। आपने भी वह फिल्म देखी होगी, आखिर कहाँ चले गए ये डायनासोर, कैसे हुआ इनका अंत... इनके बारे में आप अवश्य जानना चाहेंगे। डायनासोर की रो चक बातें -इनके अब तक 5०० वंशों और 1००० से अधिक प्रजातियों की पहचान हुई है। -कुछ डायनासोर शाकाहारी, तो कुछ मांसाहारी होते थे जबकि कुछ डायनासारे दो पैरों वाले, तो कुछ चार पैरों वाले थे। -डायनासोर बड़े होते थे, पर कुछ प्रजातियों का आकार मानव के बराबर, तो उससे भी छोटे होते थे।---कुछ डा

Laghu katha prasthan bindu ke adhar per kaise likhe/ लघु कथा प्रस्थान बिंदु के आधार पर कैसे लिखें?

    लघु कथा प्रस्थान बिंदु के आधार पर कैसे लिखें? Laghu katha prasthan bindu ke adhar per kaise likhe लघुकथा लेखन उदाहरण सहित    कई बोर्ड की परीक्षाओं (board examination CBSE board) में लघुकथा (laghu Katha) लिखने को दिया जाता है। स्टेट बोर्ड (State board) की परीक्षा में भी लघुकथा पर प्रश्न (question of laghu katha) पूछता है। लघु कथा कैसे लिखा (How To write short story in hindi) जाए? आज हम laghu katha टॉपिक पर चर्चा करने जा रहे हैं। छात्रों सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 9 के नए (CBSE board syllabus class 9 session 2020-21) सिलेबस 2020 के अनुसार हिंदी यह पाठ्यक्रम में प्रस्थान बिंदु के आधार पर लघु कथा लिखने का प्रश्न इस बार आएगा। CBSE class 10 B hindi syllabus. लघु कथा लेखन पूछा जाता है। According to the new syllabus 2020 of class 9 of CBSE board students, this question of writing short story based on the point of departure in Hindi syllabus will come this time.  निम्नलिखित   प्रस्थान बिंदु के आधार पर 100 से 150 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए। (Write a short story in 100 to 150 words based on t

Vigyapan Lekhan Hindi class 10

 CBSE board advertisment writing Hindi class 10 सी० बी० एस० ई० (CBSE board) बोर्ड के कक्षा - 10 हिंदी अ पाठ्यक्रम में 5 अंकों का विज्ञापन लेखन advertisment writing से प्रश्न परीक्षा में पूछा जाता है। विज्ञापन किसे कहते हैं?  विज्ञापन का उद्देश्य क्या है?  विज्ञापन कैसे लिखा जाता है?  विज्ञापन के प्रकार क्या होते हैं?  विज्ञापन की  आवश्यकताएँ क्या है?  विज्ञापन लिखे जाने पर किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। बोर्ड की परीक्षा में आप विज्ञापन किस तरह से लिखेंगे।   छात्रों आज के क्लास में विज्ञापन  के   पहलुओं के बारे में चर्चा करेंगे जो हर प्रतियोगी परीक्षा और अकैडमी परीक्षा के लिए बड़ा ही महत्वपूर्ण है।  विज्ञापन किसे कहते हैं? 'विज्ञापन' शब्द के लिए अंग्रेजी में एडवर्टाइजमेंट (Advertisement) का प्रयोग होता है।  जिसका मतलब होता है, सार्वजनिक सूचना, सार्वजनिक घोषणा अथवा ध्यानाकर्षण करना।  विज्ञापन का मतलब सूचना पहुंचाना व अपील करना होता है।   छात्रो! विज्ञापन यदि रोचक होगा तो अपनी बात अधिक से अधिक लोग तक पहुंचाई जा सकती है इसलिए विज्ञापन में रचनात्मकता का बहुत बड़ा महत्व