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कविता

द्रौपदी घाट

पुराना पड़ा सिलबट्टाभगवान की तरह,मूसल का भी टूट गया घमंडखपड़ा बोल रहामाटी फर्ज अदा करडेबरी उजियारा देखकरपनारा से…

new hindi kavita

New Hindi kavita मैं कविता क्यों लिखता हूं कि क्योंकि कविता ब्रह्म है, और मैं बार बार हर एक कविता में…