Hindi speech in hindi

Shram Divas labour day speech in Hindi 2022 श्रम दिवस shram Divas bhashan पर भाषण लेबर डे स्पीच इन हिंदी मजदूर दिवस पर भाषण

 Shram Divas labour day speech in Hindi 2022 श्रम दिवस shram Divas bhashan पर भाषण लेबर डे स्पीच इन हिंदी मजदूर दिवस पर भाषण 

Labour Day speech in Hindi 1 may labour Day speech in Hindi shram Diwas speech in Hindi

आज हमारी संस्था में श्रमिक दिवस के इस आयोजन पर मुझे बोलने का अवसर प्रदान किया गया है इसलिए मैं सभी बंधुओं का आभार व्यक्त करता हूं और अपनी बात यहां पर रखना चाहता हूं

 अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (Labour Day)  के खास मौके पर आज मैं सभी श्रम करने वाले आप सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं। श्रमिक वर्ग, कामगार इन सभी का सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है। समाज में जितने भी नव निर्माण, साफ-सफाई इत्यादि होते हैं, यह सभी श्रम करने वालों के कारण ही हो पाते हैं। इसीलिए मनुष्य को श्रमशील बनने की प्रेरणा दी गई है। श्रम को मान सम्मान और उनके अधिकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रमिक-दिवस हर साल 1 मई को मनाया जाता है।


 जैसा कि हम सभी जानते हैं, श्रमिक-दिवस दुनिया भर में हर साल 1 मई को मनाया जाता है। इस दिन श्रमिकों  के संघर्ष और उनकी श्रम महता को सम्मान देने के लिए  हर साल  1 मई को श्रमिक दिवस मनाया जाता है,  श्रमिकों ने  विश्व को मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए अपना अहम् योगदान दिया है।


इससे पहले 19वीं सदी में कामकाजी 


उस समय श्रमिकों (Shramik Divas) से दिन देर शाम तक काम कराया जाता था।  उनकी मजदूरी भी बहुत कम थी और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए कोई संगठन भी नहीं थी। औद्योगिक क्रांति के इस दौर में मजदूरों के साथ शोषण और अत्याचार होना शुरू हो गया था। पूंजीवादी व्यवस्था ने मजदूरों का शोषण करना शुरू कर दिया ऐसे में मजदूरों में असंतोष आ गया। मजदूरों ने 12 घंटे श्रम का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई और सभी मजदूर हड़ताल पर चले गए। Labour Day speech in Hindi

 इस संघर्ष में कई मजदूरों की जान भी चली गई। लेकिन मजदूर अपने संघर्ष के प्रति डाटा रहा और उसने मांग रखी कि 8 घंटे का 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन उन्हें मिलना चाहिए। मजदूरों की मांगों के सामने आखिरकार पूंजीपतियों को झुकना पड़ा। शोषण और अत्याचार की यह लड़ाई उस समय खत्म हो गई लेकिन आज भले ही 8 घंटे काम करने और सप्ताह में 1 दिन छुट्टी इन्हें मिली हो लेकिन आज भी मजदूर की परिस्थितियां बद से बदतर है। कई देशों में न्यूनतम मजदूरी को लेकर आज भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भारत जैसे देश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की कोई नहीं सुनता है। इस आंदोलन के इतने साल बाद भी मजदूरों की स्थिति आज भी वही भरी हुई है। हालांकि 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस यानी इंटरनेशनल लेबर डे मनाया जाता है ताकि पूरी दुनिया के देश में काम करने वाले सभी मजदूरों के हितों की रक्षा की जा सके। लेकिन जिस तरह से पूंजीवादी व्यवस्था लाभ का बड़ा भाग अपने पास रखना चाहता है और मजदूरों के हिस्से में दो वक्त की रोटी और बेबसी ही मिलती है।


 मजदूर/श्रमिक दिवस एक जागरूकता दिवस है और इस दिन को हमारी पीढ़ियों को जानना चाहिए कि कितना लंबा संघर्ष किया गया है कि 8 घंटे काम पाने के अधिकार के लिए। हम श्रम की महत्ता को जानते हैं हर इंसान श्रमिक ही है क्योंकि बिना आश्रम के जीवन एक पल भी नहीं चल सकता है। इसलिए श्रमिक दिवस की महत्वता को जानते हुए हमें  कामगारों के लिए विशेष अधिकार और कल्याणकारी योजनाओं को गठन करने की पहल करनी चाहिए।  जिस राष्ट्र में श्रम का सम्मान होता है वह राष्ट्र उन्नति के शिखर पर पहुंचता है। आइए हम सभी लोग प्रण लें और उन्नत समाज के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को भी रेखांकित करें। श्रमिक भी इंसान होते हैं और उनके उत्तम रहने खाने पीने की व्यवस्था करना हमारी परम जिम्मेदारी है हम इस जिम्मेदारी से खुद को अलग नहीं कर सकते हैं इसलिए श्रम को मान- सम्मान धन मिलना चाहिए। Labour Day speech in Hindi present by new Gyan


धन्यवाद।

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अभिषेक कांत पांडेय- शिक्षक, लेखक- पत्रकार, ब्लॉग राइटर, हिंदी विषय -विशेषज्ञ के रूप में 15 साल से अधिक का अनुभव है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और इंटरनेट पर विभिन्न विषय पर लेख प्रकाशित होते रहे हैं।
शैक्षिक योग्यता- इलाहाबाद विश्वविद्यालय से फिलासफी, इकोनॉमिक्स और हिस्ट्री में स्नातक। हिंदी भाषा से एम० ए० की डिग्री। (MJMC, BEd, CTET, BA Sanskrit)
प्रोफेशनल योग्यता-
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता मे डिप्लोमा की डिग्री, मास्टर आफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, B.Ed की डिग्री।
उपलब्धि-
प्रतिलिपि कविता सम्मान
Trail social media platform writing competition winner.
प्रतिष्ठित अखबार में सहयोगी फीचर संपादक।
करियर पेज संपादक, न्यू इंडिया प्रहर मैगजीन समाचार संपादक।

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