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नई एजुकेशन पॉलिसी में दसवीं क्लास बोर्ड है या नहीं है

 क्या नई शिक्षा नीति में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी?

New education policy 2020

Board examination
Changing

नई शिक्षा नीति 2020 मैं कई तरह के बदलाव किए गए हैं।  नई शिक्षा नीति से काफी उम्मीदें भी है। लेकिन प्रश्न यह उठता है कि क्या नई शिक्षा नीति में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा को समाप्त कर दिया जाएगा। इस प्रश्न का उत्तर नई शिक्षा नीति पढने पर आसानी से दिया जा सकता है। 

नई शिक्षा नीति 2020 में बहुत कुछ बदलाव हो रहा है लेकिन यह यह एग्जाम साफ है कि कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा समाप्त नहीं होगी बल्कि उसे और सरल बनाया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के तहत बोर्ड परीक्षा के फॉर्मेट को बदला जाएगा।

10 और 12 की बोर्ड परीक्षा में नया बदलाव क्या होगा?

इसे जानने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि नई शिक्षा नीति में 10 + 2 का फॉर्मेट समाप्त हो रहा है। अब नई शिक्षा नीति के तहत ‍ 5+3+3+4 के स्ट्रक्चर पर पढ़ाई होगी।

नई शिक्षा नीति में  5 साल का क्या मतलब
क्या है प्री प्राइमरी और फाउंडेशन स्टेज

 कहने का मतलब है कि पहले 5 साल बच्चा प्री प्राइमरी स्कूल तक 3 साल और फाउंडेशन स्टेज में बच्चा कक्षा 1व 2 में पढ़ेगा। इस तरह से कुल 5 साल पढेगा। 

नई शिक्षा नीति में 3 साल का  क्या मतलब है? 

नई शिक्षा नीति में अगले चरण को कक्षा 3, 4 और 5 की पढ़ाई में बांटा गया है।

नई शिक्षा नीति में दूसरे 3 साल यानी कक्षा  6, 7 व 8 की पढ़ाई को मध्य स्तर के चरण में बांटा गया है।

नई शिक्षा नीति मैं इसके बाद अगले 4 साल माध्यमिक स्तर की पढ़ाई में कक्षा 9, 10,  11 व 12 की पढ़ाई होगी। 

इस तरह से विद्यार्थियों को कॉमर्स साइंस और कला सब्जेक्ट में किसी भी सब्जेक्ट को पढ़ने की छूट दी जाएगी। इसमें बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए किसी भी सब्जेक्ट को चुनने की आजादी है। साइंस का विद्यार्थी म्यूजिक भी सीख सकता है उसे विषय के रूप में ले सकता है।

क्या नई शिक्षा नीति में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा को समाप्त नहीं किया जाएगा?

नई शिक्षा नीति में बोर्ड की परीक्षा कक्षा 10 और 12 को समाप्त नहीं किया जाएगा बल्कि छात्रों के लिए तनाव रहित बनाने के लिए इसे और सरल बनाया जाएगा।

 सेमेस्टर प्रणाली द्वारा मार्किंग होगी और रटने की जगह समझ कर नए तरीके से सीखने पर बल दिया जाएगा। कई तरह के बदलाव होंगे जिससे कि छात्रों पर बोर्ड परीक्षा का तनाव ना बने। 

इस कारण से स्टूडेंट और पैरेंट्स सोच रहे हैं कि 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा को समाप्त कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। बोर्ड की परीक्षा समाप्त नहीं किया जाएगा बल्कि उसे आसान बनाया जाएगा। 

बोर्ड परीक्षा में होंगे कौन-कौन से बदलाव?

बोर्ड परीक्षा रखने की जगह छात्रों की योग्यता को आगे रखने वाली होगी

बोर्ड परीक्षा दो लेबल में होगी पहला ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन वाला दूसरा डिस्क्रिप्टिव क्वेश्चन वाला

सब्जेक्ट चुनने में लचीलापन होगा साइंस के साथ म्यूजिक भी लिया जा सकता है।

पढ़ाई को व्यवहारिक बनाया जाएगा ताकि छात्र अपनी क्षमता से नंबर हासिल कर सके ना कि रट्टा मार कर।

परीक्षाओं को सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षा में बांटा जाएगा।

बोर्ड परीक्षा के सिलेबस कैसा होगा?

कुल मिलाकर बोर्ड परीक्षा के पैटर्न और उसके सिलेबस को लचीला बनाया जाएगा ताकि अपनी रुचि के विषयों को पढ़ सके और पढ़ाई को बोझ ना समझे साथ ही उसका सर्वांगीण विकास हो सके ताकि भविष्य में वह अपने कैरियर को लेकर चिंतित ना हो और साथ में यह भी बदलाव होगा छात्र इस दौरान कुछ कुशलता भी सीख ले जो उसे रोजगार से जुड़ेगा।

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Abhishek Kant Pandey

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अभिषेक कांत पांडेय- शिक्षक, लेखक- पत्रकार, ब्लॉग राइटर, हिंदी विषय -विशेषज्ञ के रूप में 15 साल से अधिक का अनुभव है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और इंटरनेट पर विभिन्न विषय पर लेख प्रकाशित होते रहे हैं।
शैक्षिक योग्यता- इलाहाबाद विश्वविद्यालय से फिलासफी, इकोनॉमिक्स और हिस्ट्री में स्नातक। हिंदी भाषा से एम० ए० की डिग्री। (MJMC, BEd, CTET, BA Sanskrit)
प्रोफेशनल योग्यता-
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता मे डिप्लोमा की डिग्री, मास्टर आफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, B.Ed की डिग्री।
उपलब्धि-
प्रतिलिपि कविता सम्मान
Trail social media platform writing competition winner.
प्रतिष्ठित अखबार में सहयोगी फीचर संपादक।
करियर पेज संपादक, न्यू इंडिया प्रहर मैगजीन समाचार संपादक।

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