Baldivas bhasahn | बालदिवस पर स्कूल में बोला जाने वाला हिंदी में भाषण Children Day speech in hindi

updated Baldivas bhasahn Children Day speech in hindi 2023 में आप अपने स्कूल में या कॉलेज में बोल सकते हैं। यहां पर दिये गये विचार और बातें बिल्कुल नये और बालदिवस के महत्व को उजागर करता है। सरल एवं सहज शब्दों में लिखा ये भाषण आपको आसानी से याद हो जाएगा। इस तरह के भाषण बहुत उपयोगी है। इससे आप अनुच्छेद हिन्दी में लिख सकते हैं, ये निबंध लेखन भी कर सकते हैं।

Speech in Hindi to be spoken in school on Children Day 2023

Speech in Hindi to be spoken in school on Children Day










सुप्रभात!

आदरणीय (Baldivas bhasahn)

प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों।

आज मुझे बालदिवस के अवसर पर अपनी बात रखने का मौका मिला है, इसके लिए प्रधानाचार्य महोदय को बहुत धन्यवाद!

आज के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी की जयंती है। इस दिन को हम लोग बालदिवस के रूप में मनाते हैं। जवाहर लाल नेहरू जी स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थे। वे बच्चों को बहुत प्यार करते थे। बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कह कर बुलाते हैं।

नेहरू जी का मानना था कि बच्चे देश के कर्णधार हैं। बच्चों को स​ही शिक्षा एवं शारिरीक विकास के लिए खेल बहुत जरूरी है। 

उनका सपना था कि हर बच्चा शिक्षित हो। आज जब हम बच्चों के बारे में सोचे तो यह सामने आता है कि आज हमारे देश में गरीबी और अशिक्षा ने बच्चों के बचपन को छीना है। आज करोड़ों बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इन बच्चों के भविष्य के लिए हमें आगे आना चाहिए। बालदिवस वह मौका है, जब बच्चों की भलाई उनके बचपन प्रसन्नता से भर दें। जवाहर लाल नेहरू के सपने को पूरा करें। 

See also  डायरी लेखन हिंदी| Diary writing in Hindi diary| lekhan Hindi mein| डायरी-लेखन के उदाहरण, डायरी-लेखन क्या होता है? class 6, 7, 8,9, 10

सोचिए आज हम चाचा नेहरू को क्या श्रद्धाजंलि दे सकते हैं, बच्चों पर हो रहे अत्याचार—शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं। बच्चे आज कुपोषित हैं, उन्हें गुणवत्ता वाली शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अनाथ बच्चों के साथ शोषण हो रहा है। आइए बाल संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाए। हर बच्चों की सहायता करें, उन्हें उनका हक दिलाए, ये बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं। इन्हीं में से कोई गौतम, तो कोई गांधी, तो कोई सुभाष, तो काई अब्दुल कलाम जैसा बनेगा। 

आज बच्चे नशे की गलियों में भटक रहे हैं। कुछ लालची शोषण करने वाले लोग इन बच्चों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे बालमजदूरी करा रहे हैं। 

बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छा पोषण मिले इसके लिए हमे सराहनीय कदम उठाना चाहिए। इस उम्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पोषणवाला खाना जरूरी है। ताकि बच्चों का सही विकास हो सके।

भारत में हर बच्चा पढ़े लिखे। आइए हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान भर दे। आप लोग शपथ लीजिए कि हर बच्चों काे प्यार, सम्मान, शिक्षा एवं पोषणवाला भोजन देने के लिए उनके हक की लड़ाई के लिए सामने आएंगे।

हर बच्चे की जीवन में खुशियां भरने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए और उनके हक की आवाज उठाना चाहिए।

जय हिन्द! जय बाल भगवान! Baldivas bhasahn

चिल्ड्रन डे लेटेस्ट हिंदी भाषा 200 words

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, प्रबंधन समिति, शिक्षकगण, प्यारे सहपाठियों

बालदिवस किस पावन अवसर पर मेरी तरफ से सभी लोग को बधाई और शुभकामना। 14 नवंबर का दिन बच्चों के लिए समर्पित होता है। इस दिन हंसी-खुशी के साथ बच्चे बाल दिवस से मानते है। गुलशन की तरह हंसते हुए बच्चे बहुत अच्छे लगते हैं। माता-पिता गुरुजन सभी बच्चों को बहुत प्यार करते हैं।

See also  vachey mcq Class 10th ncert solutions

बच्चे ही देश के भविष्य होते हैं। अच्छी शिक्षा और चरित्र निर्माण से ही उनका जीवन खुशहाली भरा बनता है। शिक्षा के इस मंदिर में बाल दिवस के इस अवसर पर हम सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिवस के अवसर पर हर साल बाल दिवस के रूप में 14 नवंबर मानते हैं। नेहरू जी को बच्चे प्यार से चाचा जी का कर बुलाते थे। नेहरू जी भी बच्चों से बहुत अधिक लगाव रखते थे।

इसलिए बाल दिवस के इस अवसर पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी को याद करते हैं। ‌ इस पावन अवसर पर विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और गीत-संगीत आदि का आयोजन होता है। बच्चों के लिए मेला लगता है।

छोटे-छोटे बच्चे हंसते हुए प्यारे लगते हैं। ‌ यह दिन इन्हें बहुत अच्छा लगता है। मैं आप सभी लोगों को बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं कि बाल दिवस के इस अवसर पर मुझे भाषण देने के लिए आमंत्रित किया है। इसी शुभकामना के साथ हर बच्चे का भविष्य उज्जवल बने अच्छे शिक्षा दीक्षा मिले, बाल दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामना

Read also

भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, इंदिरा गांधी के बचपन में देशभक्ति का जज्बा Bhagat Singh, Chandrashekhar Azad, Indira Gandhi’s childhood

Leave a Comment