Sample Paper for Exam CBSE Class 10 Hindi paper

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कक्षा 10

हिन्दी  ‘पाठ्यक्रम

   समय                                                                                                    अधिकतम अंक –40

 गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-  (5)

   एक जमाना था जब मोहल्लेदारी पारिवारिक आत्मीयता से भरी होती थी। सब मिल- जुलकर रहते थे। हारी-बीमारी, खुशी- गम सबमें लोग एक-दूसरे के साथ थे। किसी का किसी से कुछ छिपा नहीं था। आज के लोग को शायद लगे कि लोग की अपनी प्राइवेसी क्या रही होगी, लेकिन  प्राइवेसी  के नाम पर ही तो हम एक दूसरे से कटते रहें और कटते-कटते ऐसे अलग हुए कि अकेले पड़ गए। सबसे पहले चूल्हे-चौके अलग हुए, फिर अलग मकान लेकर लोग रहने लगे, निजी स्वतंत्रता को अपनी नयी परिभाषा देकर यह एकांकीपन हमने स्वयं अपनाया है। मोहल्ले में आपस में चाहे जितनी चखचख हो या थोड़ा ही संभव था कि बाहर का कोई आकर किसी को कड़वी बात कह जाए! पूरा मोहल्ला टिड्डी दल की तरह उमड़ पड़ता था। term 1 class 10 hindi sample paper for paractice 

देखते देखते ज़माना हवा हो गया। मुहल्लेदारी टूटने लगी, आबादी बढ़ी, पर सबसे ज्यादा जो चीज दुर्लभ हो गई वह थी आपसी लगाव,  अपनापन। लोग की आँखों का शील मर गया।

देखते-देखते कैसा रंग बदला है! लोग अपने आप में सिमटकर पैसे के पीछे भागे जा रहे हैं। सारे नाते -रिश्तो को उन्होंने ताक पर रख दिया है, तब फिर पड़ोसी से उन्हें क्या लेना-देना है। यह नीरस महानगरी सभ्यता महानगरों से चलकर कस्बों और देहातों तक को अपनी चपेट मेले चुकी है। एक ही मकान में रहने वाले एक दूसरे को नहीं जानते। इन जगहों में आदमी का अस्तित्व समाप्त हो गया है। यदि आपको फ्लैट नंबर मालूम नहीं तो उसी बिल्डिंग में जाकर भी वांछित व्यक्ति को नहीं ढूँढ पाएँगे। ऐसी जगहों में किसी प्रकार के संबंध की अपेक्षा ही कहाँ की जा सकती है?

i. प्राइवेसी से क्या तात्पर्य है-

क. निजता

ख. आत्मीयता

ग. मेलजोल

घ. भाईचारा

ii  मुहल्लेदारी के बारे में क्या सच नहीं है-

(क) आपस में मिल- जुलकर रहना। 

(ख) दुख-सुख में साथ देना। 

(ग) अपनी बात किसी से गुप्त न रखना। 

(घ) आस-पड़ोस का हस्तक्षेप पसंद न करना।

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 (iii) आज के व्यक्ति को प्राइवेसी के नाम पर प्राप्त हुआ है-

क. अलगाव और अकेलापन

ख. अपने में ही सीमित होने का आनंद।

ग. संयुक्त परिवार की समस्याओं से मुक्ति। 

घ. मोहल्ले के झंझट से छुटकारा।

iv. आज बहुत कठिनाई से प्राप्त होने वाली वस्तु है-

क. संबंधों की महत्ता

ख. धन-संपत्ति

ग. आत्मीयता

घ. वैचारिक स्वतंत्रता।

v. गद्यांश का शीर्षक क्या है-

क.  आपसी लगाव 

ख. मोहल्लेदारी

ग.  पुराना जमाना 

घ. एकाकीपन

पद्यांशकोध्यानपूर्वकपढ़िएऔरउसपरआधारितप्रश्नोंकेउत्तरदीजिए– (5)

 टकराएगा नहीं  आज उद्धत लहरों से,

 कौन ज्वार फिर तुझे पार तक पहुँचाएगा?

 अब तक धरती चल रही पैरों के नीचे,

 फूलों की  दे ओट सुरभि के घेरे खींचे,

पर पहुँचेगा पथी दूसरे तट पर उस दिन,

 जब चरणों के नीचे सागर लहराएगा।

गर्त शिखर बन,  उठे लिए भँवरों का मेला,

 हुए पिघल ज्योतिष्क तिमिर की निश्चिल बेला,

 तू मोती के द्वीप स्वप्न में रहा खोजता,

 तब तो बहता समय शिला-सा जम जाएगा,

धूल पोंछ काँटें गिन छाले मत सहला

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 मत ठंडे संकल्प आँसुओं से तू बहला,

 तुझसे हो यदि अग्नि-स्नात प्रलय महोत्सव

 तभी मरण का स्वस्ति-गान जीवन गाएगा

 टकराएगा नहीं आज उन्मंद लहरों से

 कौन ज्वार फिर तुझे दिवस तक पहुँचाएगा।

निम्नलिखितमेंसेनिर्देशानुसारविकल्पोंकाचयनकीजिए

(i) दिएकाव्यांशकाउद्देशप्रतीतहोताहै

 क.        आत्मविश्वास जगाने हेतु दृष्टांत प्रस्तुति।

ख         हर हाल में कार्य करने की प्रेरणा।

ग          जाग्रत व उत्साहित करने हेतु प्रेरणा।

 घ .        जीवन दर्शन के विषय में प्रोत्साहन।

iiतूमोतीकेद्वीपस्वप्नमेंरहाखोजता‘-  पंक्तिकाभावहै

क          मोतियों के समान आँसुओं को स्वप्न में आने वाले सुंदर द्वीपों पर नष्ट नहीं करना चाहिए।

ख         मोती के द्वीप खोजने के लिए सागर से दूर दूर जाकर कष्टदायी विचरण करना होगा।

ग        जीवन संसाधनों के लिए यथार्थ में रहकर प्रयत्न करना होगा।

 घ          यदि ऐसा होगा तो जीवन शिला जम जाएगा।

iii   ‘तुझसे हो यदि अग्नि-स्नात’-  पंक्ति का क्या अर्थ है?

 क         यदि तुम जीवन की कस्टम परिस्थिति झेल लोगे तो जीवन तुम्हारे बलिदान की प्रशंसा करेगा।

ख          यदि तुम आग के दरिया में डूब कर जाने को तैयार हो तो जीवन मरण के बंधन से मुक्त हो सकोगे।

ग          जीवन प्रलय के महोत्सव में आग लगाने वाला ही सफलतम वीर कहलाएगा।

 घ         यदि तुम जीवन में बलिदान करोगे तो जग सदा तुम्हारे जीवन की सराहना करेगा।

(iv)  समय को गतिशील करने के लिए क्या आवश्यक है?

 क         समय का सदुपयोग कर मानव कल्याण में लगे रहना।

ख        तुच्छ कार्यों में संलग्न न रहकर समय नष्ट होने से बचाना।

  ग.         अपने हाल की परवाह न करते हुए सकारात्मक भाव से कार्य करते रहना।

  घ.        ‘टाल-मटोल समय का चोर’ कथानानुसार स्वस्ति (शुभ) कार्य करने में टालमटोल ना करना।

(v)  काव्यांश के अनुसार ‘फूलों की दे ओट व सुरभि के घेरे’- व्यक्ति के जीवन में क्या कार्य कर सकते हैं?

 क     वे व्यक्ति के जीवन को अपनी सुगंध से शांत व एकाग्र कर सकते हैं।

ख       वे अपने औषधीय गुणों से व्यक्ति का जीवन व्याधिमुक्त कर सकते हैं।

ग         वे उसे लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग से विचलित कर सकते हैं।

 घ     फूल और  उर्वरता व समृद्धि का प्रतीक है। वे जीवन में ईश्वर के प्रति निकटता लाने में सहायक हो सकते हैं।

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 व्यावहारिक- व्याकरण

3. निम्नलिखित पाँच भागों में किन्हीं चार भागों के उत्तर दीजिए- (4)

i. मेरे कमरे में एक ऐसी घड़ी है, जो बहुत पुरानी है।-  रेखांकित उपवाक्य का भेद है-

 क. संज्ञा आश्रित उपवाक्य

ख.  सर्वनाम आश्रित उपवाक्य 

ग. क्रियाविशेषण आश्रित उपवाक्य

घ. विशेषण आश्रित उपवाक्य।

ii.  निम्नलिखित में सरल वाक्य है?

क. वह स्कूल से आया और खेलने के लिए चला गया।

ख. वह स्कूल से आकर खेलने के लिए चला गया।

ग. जैसे प्रातःकाल हुआ सूरज की किरणें चमक उठीं।

घ. प्रातःकाल हुआ और सूरज की किरणें चमक उठीं। 

iii.  जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और अन्य आश्रित उपवाक्य हो, उसे कहते हैं-

क.  सरल वाक्य

ख. मिश्र वाक्य 

ग.  संयुक्त वाक्य  

घ. कर्तृवाक्य

iv.  ‘मैंने रोका और वहां रुक गया।’- को सरल वाक्य में बदलिए।

क.  जब मैंने रोका तो वह रुक गया।

ख. मेरे रोकने पर वह रुक गया।

ग. मैंने रोका इसलिए वह रुक गया।

घ.  क्योंकि मैंने रोका इसलिए वह रुक गया।

v.  आश्रित उपवाक्य का भेद नहीं है-

क.   संज्ञा उपवाक्य 

ख.  सर्वनाम उपवाक्य

ग.  विशेषण उपवाक्य

घ. क्रिया विशेषण उपवाक्य

4. निम्नलिखित पाँच भागों में किन्हीं चार भागों के उत्तर दीजिए- (4)

i.  इस वाक्य का वाच्य लिखिए- शिक्षक द्वारा छात्रों को पढ़ाया गया। ‘      

क. कर्मवाच्य

ख. कर्तृवाच्य

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ग. करणवाच्य

घ. भाववाच्य

ii. निम्नलिखित वाक्यों में कर्तृवाच्य वाला वाक्य छाँटिए

क.  विकास द्वारा  निबंध लिखा जाएगा।

ख. विकास किताब पढता है।

ग. उसके द्वारा गाना गाया जाता है।

घ. उससे गाया नहीं जाता।

iii.निम्नलिखित में से कौन-सा भाववाच्य का सही विकल्प नहीं है-

क. मुझसे अब देखा नहीं जाता।

ख. आइए चला जाए।

ग. राधा से गाया नहीं जाता।

घ. अनुज सबसे अच्छा गीत गाता है।

iv.  कर्मवाच्य का उदाहरण है-

क.  सोहन के द्वारा खाना खाया गया।

ख. राजू ने नहाया।

ग.  गीता से गाया नहीं जाता है।

घ.  मुरब्बा  जार में रखा है।

v. भाववाच्य का वाक्य है-

क.  अब दादी से चला नहीं जाता।

ख. कुनाल ने गाना गाया।

ग.   कलाकार द्वारा मूर्ति बनाई गई।

घ. किताब खुली हुई है।

5.निम्नलिखित पाँच भागों में किन्हीं चार भागों के उत्तर दीजिए- (4)

i. सूरदास महान कवि थे।‘ –रेखांकित पद का परिचय है-

क. जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक।

ख. व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, संबंध कारक।

ग. व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन पुल्लिंग, कर्ता कारक।

घ.  संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग करण कारक।

ii. ‘वह हरदिन भ्रमण करता है।‘-  रेखांकित पद का परिचय है-

क. गुणवाचक विशेषण, एकवचन पुल्लिंग, ‘घूमने जाता है’ क्रिया की विशेषता।

ख. रीतिवाचक क्रियाविशेषण, एकवचन ‘घूमने जाता है’ क्रिया की विशेषता।

ग. अव्यय, स्थानवाचक क्रियाविशेषण, ‘घूमने जाता है’ क्रिया की विशेषता।

घ. अव्यय, कालवाचक क्रियाविशेषण, ‘घूमने जाता है’ क्रिया की विशेषता।

 iii. ‘छात्र हिंदी की पुस्तक से पढता है।‘ – रेखांकित पद का परिचय है-

क.  सकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, बहुवचन, वर्तमान काल,

 ख. अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, बहुवचन, वर्तमान काल,

 ग. सकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन, वर्तमान काल,

 घ. अकर्मक क्रिया, स्त्रीलिंग, बहुवचन, वर्तमान काल,

iv.  ‘नीला आसमान देखकर मन प्रसन्न हो गया।‘-  रेखांकित पद का परिचय है-

क. संख्यावाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, आसमान विशेष्य का विशेषण।

ख. संख्यावाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, आसमान विशेष्य का विशेषण।

ग. गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, आसमान विशेष्य का विशेषण।

घ. गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, आसमान विशेष्य का विशेषण।

v.’  प्रधानाचार्य महोदय ने आपको बुलाया है।’- रेखांकित पद का परिचय हैं-

क. मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग बहुवचन, कर्ताकारक।

ख. निजवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग एकवचन, कर्ताकारक।

ग. मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम,  स्त्रीलिंग/पुल्लिंग, एकवचन, कर्मकारक।

घ.  उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम,  स्त्रीलिंग/पुल्लिंग, एकवचन, कर्मकारक।

6. निम्नलिखित पाँच भागों में किन्हीं चार भागों के उत्तर दीजिए- (4)

i. ‘क्रोध’ की अधिकता में किस रस की निष्पत्ति होती है?

क. वीर रस 

ख. भयानक रस

ग. करुण रस

घ. रौद्र रस

ii.   ‘निर्वेद’ किस रस का स्थायी भाव है?

क. शांत रस

ख. करुण रस

ग. हास्य रस

घ. श्रृंगार रस 

iii. “सिर बैठ्यो काग आख दोउ खात निकारत।

खींचत जीभहिं स्यार अतिहि आनंद उर धारत।”- उपर्युक्त का पंक्तियों में निहित रस है?

क. वीर रस

ख. बीभत्स

ग. करुण रस

घ. रौद्र रस

iv. किस रस को ‘रसराज’ कहा जाता है?

क. शांत रस

ख. करुण रस

ग. श्रृंगार रस

घ. हास्य रस

v.  ‘हास्य रस’ का स्थायी भाव है-

क. उत्साह

ख. शोक

ग. जुगुप्सा

घ. हास

 पाठ्यपुस्तक

7. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए-(5)

खेती-बाड़ी करते, परिवार रखते भी, बालगोबिन भगत साधु थे- साधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरनेवाले।  कबीर को ‘साहब’ मानते थे, उन्हीं के गीतों को गाते, उन्हीं के आदेशों पर चलते। कभी झूठ नहीं बोलते, खरा व्यवहार रखते। किसी से भी दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते, न किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते।  किसी की चीज नहीं छूते, न बिना पूछे व्यवहार में लाते। इसलिए हमको कभी कभी इतनी बारीकी तक ले जाते कि लोगों को कुतूहल होता!-  hindi sample paperकभीवहदूसरेकेखेतमेंशौचकेलिएभीनहींबैठते!  वह ग्रहस्थ थे, लेकिन उनकी सब चीज़ ‘साहब’ की थी।  जो कुछ खेत में पैदा होता, सिर पर लादकर पहले उसे साहब के दरबार में ले जाते-जो उनके घर से चार कोस दूर पर था- एक कबीरपंथी मठ से मतलब! वह दरबार में भी ‘भेंट’ रूप रख लिया जाता।  ‘प्रसाद’ रूपमेंजोउन्हेंमिलताउसेघरलातेऔरउसीसेगुजरचलाते।

(i)  लेखक ने बालगोबिन भगत को साधु क्यों कहा है? hindi sample paper

  •     क.            वह साधु के समान दिखते थे।
  •     ख.            वे मोह-माया से दूर थे।
  •      ग.            वे सच्चे साधु जैसा उत्तम आचार-विचार रखते थे।
  •      घ.             वे किसी से झगड़ा नहीं करते थे।
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(ii)  बालगोबिन भगत का कौन-सा कार्य-व्यवहार लोगों के आश्चर्य का विषय था?

  •     क.             जीवन-सिद्धांतों और आदर्शों का गहराई से अपने आचरण में पालन करना।
  •     ख.            गीत गाते रहना।
  •      ग.             किसी से झगड़ा न करना।
  •      घ.             अपना काम स्वयं करना।

(iii)  बालगोबिन भगत कबीर के आदर्शों पर चलते थे क्योंकि-

  •     क.            कबीर भगवान का रूप थे।
  •     ख.             वे कबीर की विचारधारा से प्रभावित थे।
  •      ग.             कबीर उनके गाँव के मुखिया थे।
  •      घ.             कबीर उनके मित्र थे।

 (iv)  बालगोबिनभगतकेखेतमेंजोकुछपैदाहोताउसेवेसर्वप्रथमकिसेभेंटकरदेते?

  •     क.             गरीबों को
  •     ख.             मंदिरों में
  •      ग.             घर में
  •      घ.             कबीरपंथी मठ में।

(v)  “वह गृहस्थ थे: लेकिन उनकी सब चीज ‘साहब’ की थी”- यहाँ ‘साहब’ से क्या आशय है?

  •     क.             गुरु
  •     ख.            मुखिया
  •      ग.             कबीर
  •      घ.            भगवान

8. लिखितप्रश्नोंकेउत्तरसहीविकल्पचुनकरलिखिए– (2)

नेता जी का चश्मा‘ कहानी में कैप्टन कौन था? hindi sample paper

i हालदारसाहब

ii पानवाला

iii चश्मेबेचनेवाला

iv अध्यापक।

ii. पुत्र के शव के पास बैठकर बालगोबिन भगत क्या करने लगे?

क. विलाप करने लगे

ख.  गीता पढ़ने लगे 

ग. भजन गाने लगे

घ. परिजनों को समझाने लगे।

9.  निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए- (5)

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ऊधौ, तुम ही अति बड़भागी।

अपरस रात सनेह तगा ते, नाहिन मन अनुरागी।

पुरहनि पात राहत जल भीतर, ता रस देह न दागी।

ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।

प्रीति-नदी में पाउँन बोरयो, दृष्टि न रूप परागी।

‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यौं पागी॥

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i प्रस्तुत काव्य-पंक्तियों में कौन किससे कह रहे हैं?

(क) गोपियों उद्धव से

(ख) उद्धव कृष्ण से

(ग) कवि उद्धव से

(घ) इनमें से कोई नहीं।

ii उद्धव ‘सनेह तगा’ से अछूते क्यों है?

क. उद्धव ब्रह्म के उपासक हैं

ख. उद्घय ने किसी से प्रेम नहीं किया

ग. उद्धव निर्गुण ब्रह्म के उपासक है

घ.उद्धव प्रेम करने से डरते हैं

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iii उपर्युक्त पंक्तियों में किसे भाग्यवान कहा गया है?

(क) उद्धव को

(ख) गोपियों को

(ग) कृष्ण को

(घ) कवि सूरदास को (read more your lesson hindi click link)

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iv  ‘प्रीति-नदी’ किसे कहा गया है?

(क) यमुना नदी को

(ख) उद्धव को

(ग) गंगा नदी को

(घ) कृष्ण को

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v गोपियों ने गुड़ में चिपकी चींटी का उदाहरण देकर उद्धव को क्या बताना चाहा है? hindi sample paper

(क) चींटियों को गुड़ से घृणा है।

(ख) गोपियाँ श्रीकृष्ण के प्रति अटूट व समर्पित प्रेम रखती हैं।

(ग) गुड़ से बहुत प्यार करती हैं।

(घ) गुड़ और चींटी का प्रेम सर्वोपरि है।

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 10  निम्नलिखित में से निर्देशानुसार विकल्पों का चयन कीजिए- (2)

i. कृष्ण के प्रति गोपियों के अनन्य प्रेम को व्यक्त करने वाला वाक्य नहीं है- 

क. श्रीकृष्ण गोपियों के लिए ‘हारिल की लकड़ी’ हैं।

ख.  उन्होंने कृष्ण को मन- वचन- कर्म से अपना लिया है।

ग.  उन्हें श्रीकृष्ण से प्रेम नहीं रहा।

घ. वे सोते-जागते रात-दिन कृष्ण का ही नाम जपती हैं। 

2. परशुराम के क्रोध को शांत करने के लिए श्रीराम ने उनसे क्या कहाSuccessful youtuber कैसे बने)/ Youtuber Kaise Bane

क. धनुष तोड़ने वाला आपका कोई सेवक होगा।

ख. धनुष तोड़ने वाला कोई राजकुमार है।

ग.यह धनुष अपने आप ही टूट गया।

घ. इनमें से कोई भी उत्तर सही नहीं है।

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