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अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भक्तिकालीन कवि कविता का उद्देश्य क्या था?

 भक्तिकालीन कवि की कविता का उद्देश्य क्या था? इन्टरनेट के फायदे और नुकसान Advantages and Disadvantages of Internet नामदेव, कबीर दास, रैदास, गुरु नानक, दादू दयाल, पलटू दास, मलूक दास भक्तिकालीन कवि में। भक्तिकालीन कवि की कविता का क्या उद्देश्य था आइए इस पर थोड़ा सा चर्चा करते हैं, (Bhaktikalin Kavi) ज्ञानमार्गी शाखा (Gyanmargi) के कवि हैं।  कोई समाज तभी स्वस्थ होता है, जब वहां पर जागरूकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण होता है।  भक्तिकालीन कवियों ने अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाज को  जागरूक करने का प्रयास किया है।  सगुण ईश्वर उपासक  इसके साथ ही  सगुण ईश्वर के उपासक तुलसीदास, मीराबाई, सूरदास जी ने भी सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का काम अपने काव्य की रचनाओं से भी किया। उस समय के सही सामाजिक वातावरण को अपनी रचनाओं में स्थान दिया। प्रेम और मानवीय मूल्यों की पराकाष्ठा को स्थापित कर इंसानों में नैतिकता के विकास पर बल दिया। रामचरितमानस  महाकाव्य के माध्यम से राम के चरित्र के माध्यम से मर्यादा को स्थापित किया।  सूरदास भक्ति प्रेम के अलग कवि हैं, जिनकी  सूक्ष्म दृष्टि  भक्ति प्रेम व मानव प्रेम  की सीख

काव्य के भेद कितने हैं: प्रबंधकाव्य किसे कहते हैं kind of hindi kavya

    काव्य के भेद कितने हैं: प्रबंधकाव्य किसे कहते हैं Kind of hindi kavya काव्य के भेद/ प्रकार कितने हैं-प्रबंध काव्य किसे कहते हैं: दोस्तों हिंदी आज से पहले इस रूप में नहीं थी बल्कि कई बोलियों में हिंदी बंटी थी। भारत के प्राचीन भाषा संस्कृत के साहित्य भरतमुनि, बाल्मीकि, कालिदास आदि की परंपरा से शुरू हुई है। आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि हिंदी के काव्य में प्रबंध काव्य किसे कहते हैं. काव्य के भेद कितने होते हैं. काव्य के प्रकार कितने होते हैं. हिंदी भाषा अपने विकास के पहले चरण यानी कविता से शुरू होकर आज आधुनिक हिंदी भाषा के रूप में हमारे सामने हैं। इन सब जानकारी के लिए आप पूरा जरूर पढ़ें। Education, Hindi,veyakaran काव्य/ पद्य किसे कहते हैं कम शब्दों में प्रभावशाली अभिव्यक्ति की जाती है, उसे काव्य या पद्य कहते हैं। जब शब्दों में संगीत, लयात्मकता और छंदबंद्धता होती है और कम शब्द प्रभावशाली अर्थ व्यक्त करते हैं तो उस रचना को कविता या पद्य कहते हैं। क् साहित्य में कविता को भी गिना जाता है। हिंदी साहित्य कविता विधा के रूप में प्रतिष्ठित है। बिल्कुल उसी तरह से जैसे कहानी, उपन्यास इत्यादि

2021, CBSE, CLASS 10 :ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस क्या होता है? जिससे पास होंगे CBSE 10वीं के छात्र

  2021,  CBSE, CLASS 10 : CBSE objective criteria process क्या होता है? जिससे पास होंगे CBSE 10वीं के छात्र  सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा कैंसिल हो गई है और 12वीं की परीक्षा को पोस्टपोन कर दिया गया है। सीबीएसई क्लास 10th CBSE objective criteria process क्या होता है इसके बारे में बात करेंगे। CBSE के कक्षा 10 के छात्रों को पास करने के लिए यह तरीका अपनाया जाएगा। जिसे ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस कहते हैं।   CBSE 2021, ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस सरकार ने सीबीएसई बोर्ड की क्लास 10 की एग्जामिनेशन को टाल दिया है।  अब प्रश्न है कि  छात्रों का मूल्यांकन यानी कि उन्हें किस तरह से पास किया जाएगा ताकि   वे 11वीं कक्षा में प्रमोट हो सके। उनकी मार्कशीट में किस आधार पर अंक दिया जाएगा? 10वीं की मार्कशीट में दिए गए अंक का आधार क्या होगा? यह प्रश्न उठता है।  इसी के मंथन में ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस सीबीएसई जल्द ही डेवलप करके देगा और उसी के आधार पर कक्षा 10 के विद्यार्थियों को नंबर दिया जाएगा।  आइए संभावना के आधार पर समझे CBSE objective criteria process क्या है?  ऑब्जेक्टिव क्राइटेरि

सूरदास पाठ New update NCERT Hindi Solutions for class, 9, 10,

 सूरदास पाठ New update NCERT Hindi Solutions for class, 10,  class 10 hindi solutions New NCERT Solutions For Class 10 Hindi Kshitiz Chapter 1 पद: cbse board latest 2021   news and Hindi website CBSE board class 10 Hindi special solution Board CBSE Class Class 10 Chapter Name       सूरदास के पद NCERT SOLUTIONS Book solution काव्य के भेद कितने हैं: प्रबंधकाव्य किसे कहते हैं cbse Solutions for Class 10 Hindi, हिन्दी Chapter 1 पद is part of NCERT Solutions for Class 10 Hindi. Here we have given NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitiz Chapter 1. पाठ 1. क्षितिज भाग 2 पुस्तक सूरदास पाठ का सलूशन class 10 hindi solutions NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitiz Chapter 1 पद प्रश्न 1. गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है? उत्तर- गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में   उपहास छिपा है। गोपियाँ कहना चाहती है कि  उद्धव अभागे हैं, श्रीकृष्ण के सानिध्य में रहकर उनके प्रेम को अनुभव नहीं कर सके। न किसी के हो सके, न किसी को अपना बना सके। उद्धव तुमने प्रेम का आनंद ज

गधे पर दो कविताएं: Hindi poetry on donkey

      नया  सृजन  अंक प्रथम  कविताएँ- गधे पर दो कविताएं: Hindi poetry on donkey कविता गधे की दुलत्ती (लात) जो चालाक है, वह बुद्धिमान नहीं है,  जो बुद्धिमान है वह चालाक नहीं। असल में चलाक न होना ही सच्ची बुद्धिमानी है, गधे से बड़ा बुद्धिमान कोई नहीं  गधा आत्मचिंतन से भरा  है,   वह ध्यान केंद्रित करता है  गधा दुनिया की परवाह  में डूबा, गधे का अंतिम न्याय  अन्याय के खिलाफ  जबरदस्त प्रहार वाला होता है  गधे की दुलत्ती।   गधा बुद्धिमान होता है,  दोस्तों गधा बेवकूफ नहीं है,  गधा बुद्धिमान होता है,  गधा ईमानदार होता है,  गधा  मेहनती होता है,   गधा कर्मठ होता है,   गधा चिंतन में डूबा हुआ सहनशील प्राणी है  गधा किसी का हक नहीं मारता,  गधा बेईमान नहीं होता है, गधा बदजुबान नहीं होता है,   गधा न्याय  पसंद  होता है,   गधा आत्मज्ञानी होता है, इंसान अपनी कमजोरियों को छुपाने के लिए  गधे को बेवकूफ कहता है,  क्योंकि गधा चालाक नहीं होता है,  असल में जो इंसान चालाक होता है,  वह कभी गधा जैसा नहीं बन सकता है  क्योंकि  गधा बुद्धिमान होता है!   कविता अभिषेक कांत पांडेय

परीक्षा पर चर्चा प्रधानमंत्री मोदी Pariksha Pe Charcha 2021

  परीक्षा पर चर्चा प्रधानमंत्री मोदी Pariksha Pe Charcha 2021 7 अप्रैल 2021 की  तारीख शाम को 7:00 बजे छात्रों को मोटिवेट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने परीक्षा पर चर्चा ( Pariksha Pe Charcha 2021) कर के छात्रों के दिल की बात जानी। प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पर चर्चा 2021 में छात्रों से बातचीत की।  दोस्तों प्रधानमंत्री ने परीक्षा से संबंधित क्या बातें कहीं आइए उन बातों को इस आर्टिकल के माध्यम से समझें।    दोस्तों कोरोना संकट के कारण परीक्षाएं लगभग टल चुकी थी,  पिछले सत्र में पढ़ाई ऑनलाइन ही हुई है, जिस कारण से परीक्षा की तैयारी  करने वाले छात्रों के दिल में डर है कि वो परीक्षाएं कैसे देंगे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के जरिए हिंदुस्तान के सभी छात्रों को प्रेरित किया है कि भयमुक्त होकर परीक्षा दे, चिंता न करें। दोस्तों करोना संकट के कारण सीबीएसई बोर्ड की और दूसरे राज्यों की परीक्षाएं  विलंब से शुरू हो रही है यह परीक्षाएं मई से शुरू होंगी।  दोस्तों बता दें कि फरवरी महीने में अमूमन शुरू हो जाने वाली सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा इस बार मई मही

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