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Fixed vs Floating Home Loan Rates में कौन सा लोन फायदेमंद है

फिक्स्ड फ्लोटिंग हम रेट में क्या अंतर है हिंदी में जाने
Written by Abhishek pandey

लोन लेते समय अक्सर यह ख्याल आता है कि फिक्स्ड और फ्लोटिंग होम लोन में कौन सा लोन फायदेमंद है। ‌ इसके अंतर के बारे में जान लेंगे तो आपको समझ में आ जाएगा कि Fixed vs Floating Home Loan Rates में कौन सा लोन आपके अधिक लाभकारी है। हिंदी फाइनेंस जानकारी में आपका स्वागत है!

कौन सा होम लोन ले?

घर का सपना पूरा करने के लिए लोग लोन लेते हैं लेकिन अक्सर इस सवाल पर उलझ जाते हैं की Fixed vs Floating Home Loan में कौन सा लोन ज्यादा फायदेमंद है तो इसको समझने के लिए इसके बीच का अंतर समझना जरूरी है।
दोनों होम लोन के अपने फायदे और नुकसान दोनों है आज हम आपको इन दोनों के बीच क्या अंतर है इनके बारे में जानकारी दे रहे हैं।‌ ताकि आप सही फैसला लेकर होम लोन के लिए अप्लाई कर सके।

फिक्स्ड इंटरेस्ट होम लोन

अगर आप फिक्स इंटरेस्ट होम लोन लेते हैं तो इसमें आपकी ब्याज दर को एक रेट में फिक्स कर दिया जाता है। ‌ इस दौरान बाजार में ब्याज दर कम या ज्यादा हो लेकिन आपके होम लोन के ब्याज दर में कोई फर्क नहीं पड़ता है उतना ही रहता है। ‌ जितने में अपने लोन लिया है इसको फिक्स इंटरेस्ट होम लोन कहते हैं।

इस वजह से आप या आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपको हर महीने कितनी EMI देनी है और रीपेमेंट कितना करना है।

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अगले हैडिंग में आपको बता रहे हैं कि किन परिस्थितियों में आपको फिक्स्ड इंटरेस्ट होम लोन का विकल्प चुना चाहिए।

फिक्स्ड होम लोन क्यों चुनना चाहिए?

पहली बात यह है कि जब आप फिक्स्ड होम लोन लेते हैं तो जितनी मंथली EMI बनती है, उससे पर आप संतुष्ट हैं तो आपको यह लोन लेना चाहिए और आपकी कमाई का 25 से 30 परसेंट ही मंथली लोन होना चाहिए।

दूसरी बात यह है कि अगर आपको लगता है कि आने वाले समय में ब्याज दर बढ़ाने वाली है तो फिक्स्ड होम लोन रेट चुनना आपके लिए समझदारी का काम है।

तीसरी बात, फिक्स्ड होम लोन लेने वाले को जानकारी रहती है कि हर महीने मंथली इनकम से इतना पैसा लोन के रूप में चुकाया जाना है इसलिए उन्हें भविष्य की फाइनेंस प्लानिंग बनाने में आसानी रहती है।

फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट क्या है?

फ्लोटिंग रेट में बाजार की स्थिति के अनुसार ब्याज दर लगाया जाता है। इंटरेस्ट रेट बेंचमार्क रेट से जुड़ा होता है। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के पॉलिसी के अनुसार ब्याज दर फाइनेंस संस्थान और बैंक बढ़ा सकते हैं।
इस वजह से होम लोन ब्याज दर बढ़ जाता है। इसके अलावा यहां भी हो सकता है कि आरबीआई होम लोन ब्याज दर में बदलाव नहीं करती है तो होम ब्याज दर उतना ही रहता है जितने में आपने खरीदा था।

फ्लोटिंग होम लोन क्यों चुने

अब आपको बता दें कि आप निम्नलिखित परिस्थितियों में फ्लोटिंग रेट होम लोन का चुनाव कर सकते हैं।

अगर आपको लगता है कि फ्लोटिंग होम लोन लेने के बाद ब्याज दर गिरने वाली है। तो इसका फायदा आपको प्राप्त होगा आपकी ब्याज दर कम हो जाएगी। इससे आपकी लोन की कास्ट काम हो जाएगी आपको फायदा होगा।

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फिक्स रेट होम लोन लेने की तुलना में फ्लोटिंग होम लोन कम ब्याज दर में मिलता है। इस वजह से आपका होम लोन फायदेमंद साबित होता है और यह सस्ता होता है।

होम लोन इंटरेस्ट रेट

  • बैंक ऑफ बड़ौदा- 8.40% – 10.65% अधिक और ऑफर जानकारी के लिए visit here
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया- 8.40% – 10.15% more information visit bank of sbi
  • ICICI बैंक- 8.95%-9.15% more information on home loan visit Bank online
  • पंजाब नेशनल बैंक 8.5% to 9% more information visit website punjab national bank of baroda home loan interest rate

Fixed vs Floating Home Loan Rates वर्त्तमान में home loan interest rate ranges 8.30% to 11.00% है. ये इस बात पर निर्भर करता है की lender, loan amount, borrower’s credit score और बैंक द्वारा दिए जाने वाले ऑफर पर।

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Abhishek pandey

Author Abhishek Pandey, (Journalist and educator) 15 year experience in writing field.
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