Reset and Recharge Break किसे कहते हैं? reset and recharge break in Hindi

0

 रिसेट एंड रिचार्ज ब्रेक (Reset and Recharge Break) किसे कहते हैं? क्या यह आपके लिए फायदेमंद है? what is the meaning of the reset and recharge break in Hindi 

 

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको एक new word से परिचित कराने जा रहे हैं जो अंग्रेजी का word है रिसेट एंड रिचार्ज ब्रेक (Reset and Recharge Break) किसे कहते हैं? लोग अक्सर यह पूछते हैं कि यह शब्द का अर्थ meaning क्या है?

What is the meaning of the reset and recharge break in Hindi language? 

 

रिसेट एंड रिचार्ज ब्रेक (Reset and Recharge Break) 

 

Reset का मतलब फिर से यानी पुनः

 

Recharge रिचार्ज का मतलब वैसे तो फिर से ऊर्जा भरना होता जैसे मोबाइल या किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में।

लेकिन रिचार्ज का अर्थ पुन: स्फूर्ति जगाना यानी फिर से ऊर्जा से भर जाना है।

Break ब्रेक का मतलब है अंतराल यानी एक समय तक विराम।

 

रिसेट एंड रिचार्ज ब्रेक हिंदी हुई पुनः थकान मिटाने के लिए और ऊर्जा के साथ काम करने के लिए कुछ दिनों का विराम होता है।

रिसेट एंड रिचार्ज ब्रेक (Reset and Recharge Break) एक तरह से कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों का दिया गया उपहार है। एक लंबी छुट्टी देते हैं। ताकि फिर से ऊर्जा से भर जाए और काम के थकान को मिटा सके इसे नाम दिया गया है। रिसेट एंड रिचार्ज ब्रेक (Reset and Recharge Break)।

 

कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को तरह-तरह के गिफ्ट देती ताकि उनका प्रोत्साहन होता रहे और काम में मन लगा रहे, जिस कारण से उनकी कंपनी का इनकम बढ़ जाता है। यह सोच पुराने समय की हो गई है कि कर्मचारियों से ढेर सारा काम करवाइए और उन्हें छुट्टी भी ना दीजिए।

आज कंपटीशन का दौर है और उच्च गुणवत्ता वाले कर्मचारी किसी भी कंपनी को ऊंचाई तक ले जा सकते। लेकिन अगर कर्मचारी और संतुष्ट है तो वह बढ़िया काम नहीं करेगा उसकी संतुष्टि और उसके उत्साह की स्थिति को बढ़ाने के लिए कंपनियां कई तरह के सुविधाएं और बोनस देती हैं।‌‌

 

इसी तरह मीशो कंपनी (Mesho) भी पिछले साल और इस बार भी उन्होंने फेस्टिवल सीजन के बाद 11 दिन की छुट्टी अपने कर्मचारियों देने का ऐलान किया है। ताकि कर्मचारी फिर से रिचार्ज हो जाए।‌ ‌‌इस छुट्टी को अंग्रेजी में नाम दिया गया है- reset and recharge break।

 

क्या फायदे हैं reset and recharge Break

 

यह एक तरह की छुट्टी है जो कंपनी द्वारा अपने कर्मचारी को आराम करने और अपनी लाइफ बिताने के लिए दिया जाता था कि वह चिंता और तनाव से दूर हो सके फिर वापस लौट कर जब कंपनी में काम करें तो अच्छी ऊर्जा और ताकि से मन लगाकर काम करें जिससे कि कंपनी को फायदा होता है।

इससे कंपनी को भी फायदा होता और कर्मचारी को भी लंबी छुट्टी मिलती जिससे कि वह अपने घर परिवार के साथ समय दे सकता है। या एक तरह की मैनेजमेंट की नई सोच है जो कर्मचारियों और कंपनियों के हित में है।

 

हालांकि इससे पहले कई तरह के उपहार, गिफ्ट और बोनस भी कंपनी द्वारा कर्मचारियों को दिया जाता था। भारत में यह कल्चर बहुत नया है। लेकिन अभी भी भारत में ट्रेडिशनल क्षेत्रों में जहां कर्मचारी काम करते हैं, वहां पर वही जमीदारी और मजदूर वाला ही हिसाब किताब है। भारत में कुछ नए कारपोरेट जगत की कंपनियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश कंपनियां बहुत अच्छा प्रदर्शन भी नहीं कर पाती हैं।

इसलिए इस तरह के सुधार का दृष्टिकोण जब कंपनियों द्वारा कर्मचारियों के हित में अपनाया जाता तो इसका परिणाम कंपनी के ग्रोथ में देखा जाता है।

 

 

 

 

 

 

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.