Class 9 Hindi veyakaran

New Hindi Upsarg Pratyay class 9 mcq| उपसर्ग और प्रत्यय व्याकरण

 New Hindi Upsarg Pratyay class 9 mcq|  उपसर्ग और प्रत्यय व्याकरण

New Hindi vyakaran Upsarg pratyay के बारे में उपसर्ग-प्रत्यय  हिंदी व्याकरण की परिभाषा और उपसर्ग प्रत्यय  के बारे में सरल ढंग से यहां बताया गया है। अंत में उपसर्ग प्रत्यय से संबंधित बहुविकल्पी प्रश्न  (MCQ questions) भी दिए गए हैं, जो अलग-अलग बोर्ड परीक्षाओं में उपसर्ग प्रत्यय MCQ question class 10 and 9  एग्जामिनेशन के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं उपसर्ग प्रत्यय बहुविकल्पी प्रश्न कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन के लिए बहुत उपयोगी सामग्री यहां पर दी जा रही है। उपसर्ग प्रत्यय के उदाहरण Uptet यूपीटेट, दरोगा परीक्षा, बोर्ड एग्जामिनेशन, SSC आदि के लिए उपयोगी है. हिंदी व्याकरण परीक्षा में पूछे जाते हैं यह टॉपिक बहुत महत्वपूर्ण है। 

 mcq 9. उपसर्ग और प्रत्यय के 50  उदाहरण पर दिए गए हैं. उपसर्ग और प्रत्यय एक्सरसाइज उपसर्ग प्रत्यय pdf  class  9 उपसर्ग और मूल शब्द का परिभाषा उपसर्ग और प्रत्यय के उदाहरण, शब्द निर्माण उपसर्ग और प्रत्यय Upsarg pratyay.

Hindi Grammar – हिन्दी व्याकरण (Vyakaran)

Hindi vyakaran topic Definition mcq questions

1.

Upsarg pratyay 

शब्द निर्माण उपसर्ग और प्रत्यय

MCQ

2.

समास  और समास के भेद

3.

संज्ञा और संज्ञा के विकार

4. 

सर्वनाम और सर्वनाम के भेद

5

विशेषण: लिंग, वचन कारक का विशेषण पर पड़ने वाला प्रभाव

6

क्रिया: क्रिया का भेद अकर्मक सकर्मक क्रिया मुख्य क्रिया सहायक क्रिया संयुक्त क्रिया

7

विशेषण और क्रिया विशेषण

8

संबंधबोधक

9

समुच्चयबोधक या योजक 

10

विस्मयादिबोधक

11

निपात

12

Pad Parichay पद परिचय

13

संज्ञा का पद परिचय 

14

सर्वनाम पद परिचय

15

विशेषण पद परिचय 

16

क्रिया पद परिचय 

17

क्रिया विशेषण पद परिचय 

18

संबंधबोधक पद परिचय

19

समुच्चयबोधक पद परिचय 

20

विस्मयादिबोधक पद परिचय 

21

वाक्य भेद रचना के अनुसार रचना अंतरण रूपांतरण 

22

वाक्य के लक्षण 

23

रचना के आधार पर वाक्य के भेद-

  1. सरल वाक्य, 

  2. संयुक्त वाक्य 

  3. मिश्रा वाक्य

24

आश्रित उपवाक्य के भेद

  1. संज्ञा उपवाक्य

  2. विशेषण उपवाक्य

  3.  क्रिया विशेषण उपवाक्य

25

वाक्य रचनांतरण/रूपांतरण

26

वाच्य-

१. कर्तृवाच्य

२. कर्मवाच्य 

३. भावाच्य

27

अलंकार

  1. शब्दालंकार – 

अनुप्रास अलंकार, यमक अलंकार, श्लेष अलंकार

  1. अर्थालंकार- उपमा रूपक, उत्प्रेक्षा, मानवीकरण, अतिशयोक्ति, अन्योक्ति, पुनरुक्ति अलंकार

28

पर्यायवाची शब्द

29

विलोम शब्द या  विपरीतार्थक शब्द 

30

श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द

 वे शब्द जिनके उच्चारण एक जैसे हैं लेकिन अर्थ अलग-अलग होते हैं।

31

मुहावरे और लोकोक्तियां

दिए गए हिंदी व्याकरण के इन टॉपिक पर क्लिक करके आप संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, मुहावरे, क्रिया भेद, पद-परिचय, वाच्य इत्यादि हिंदी व्याकरण के सभी टॉपिक पढ़ सकते हैं।  

प्रत्यय एवं उपसर्ग पर MCQ प्रश्न भी आगे दिया गया जरूर पढ़ें।

उपसर्ग क्या होता है?

वे शब्दांश यानि शब्द का अंश जैसे उप या वि

जो किसी मूल शब्द जैसे हार या जय में जुड़ते हैं तो एक नया शब्द बनता है तो उसे उपसर्ग कहते हैं।

जैसे— वि+जय = विजय

उप+हार=उपहा

Download sample paper all subjects Class 10th 12th pdf

सरल शब्दों में उपसर्ग— किसी मूल शब्द के पहले कोई शब्दांश जुड़ता है, इस वजह से नया शब्द बनता है, उसे उपसर्ग (Upasarg) कहते हैं।

उपसर्ग और प्रत्यय की तीन विशेषताएं—

i. उपसर्ग शब्द मूल शब्द के शुरू में जुड़ता है।
ii. प्रत्यय शब्द मूल शब्द के अंत में जुड़ता है।
iii. उपसर्ग जुड़ने पर मूल शब्द का अर्थ बदल सकता है।

ध्यान दीजिए कि जब मूल शब्द में प्रत्यय जुड़ता है तो शब्द का अर्थ पूरी तरह से नहीं बदलता है। 

इन शब्दों का मतलब लगभग वही होता है— जैसे देखिए-

चल मूल शब्द में ना प्र​त्यय जुड़ने से नया शब्द चलना बना, जिसका अर्थ जाने से है। मूल शब्द चल का अर्थ चल का अर्थ जाने से है।

 इसलिए प्रत्यय जुड़ने से मूल शब्द के अर्थ में ज्यादा बदलाव नहीं होता है।

 

जैसे- पढ़ में आई प्रत्यय जुड़ने से पढ़ाई

इसी तरह लिख मूल शब्द में आई जुड़ने से लिखाई इत्यादि होता है।

हिन्दी भाषा में प्रमुख तीन तरह के उपसर्ग होते हैं— 

1 संस्कृत के उपसर्ग जो तत्सम 

2 हिंदी के उपसर्ग जो तद्भव

 

3 आगत भाषा के उपसर्ग

 आगत का मतलब विदेशी भाषा के उपसर्ग हिन्दी में उपयोग किए जाते हैं। 

इनकी संख्या निम्न है—

हिंदी में मुख्यत: विदेशी उपसर्ग—

  • उर्दू के उपसर्ग

  • अंग्रेजी के उपसर्ग (विदेशी)

संस्कृत के 22 मूल उपसर्ग हैं-


उपसर्ग

अर्थ 

उपसर्ग के जुड़ने के बाद बने नए  शब्द

अधि




अनु

अप

प्रधान/श्रेष्ठ 



पीछे

बुरा

अधिनियम, अधिमान, अधिनायक, अधिकृत, अधिकरण, 

अध्यक्ष, अध्ययन, अधिमान,

________

अनुचर, अनुज, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव, अनुकृति

________

अपयश, अपशब्द, अपकार, अपकीर्ति, अपव्यय, अपशकुन,


अभि

पास / नजदी     

अभिवादन, अभिमान,अभिनव, अभिनय, अभिभाषण, अभियोग

अव    

बुरा/ हीनता

अवनति,   अवगुण, अवगति, अवशेष, अवज्ञा, अवरोहण

आ 

तक/से

आघात, आरक्षण, आमरण, आगमन, आजीवन, आजन्म

उत्

श्रेष्ठ

उत्पत्ति, उत्कंठा, उत्पीड़न, उत्कृष्ट, उन्नत, उल्लेख

उप

सहायक 

उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम, उपहार, उपयोग

उप

सहायक 

उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम, उपहार

दुर् 

कठिन/गलत

दुर्दशा, दुराग्रह, दुर्गुण, दुराचार, दुरवस्था, दुरुपयोग

नि

बिना

निडर, निगम, निवास, निषेध, निबन्ध, निषिद्ध

निस् 

बिना/बाहर 

निश्चय, निश्छल, निष्काम, निष्कर्म, निष्पाप, निष्फल

निर्

बिना 

निराकार, निरादर, नीरोग, नीरस, निरीह, निरक्षर

प्र 

आगे 

प्रदान, प्रबल, प्रयोग, प्रसार, प्रहार, प्रयत्न

परा 

विपरीत

पराजय, पराभव, पराक्रम, परामर्श, परावर्तन, पराविद्या

परि

चारों ओर

परिक्रमा, परिवार, परिपूर्ण, परिश्रम, परीक्षा, पर्याप्त

प्रति

प्रत्येक 

प्रतिदिन, प्रत्येक, प्रतिकूल, प्रतिहिंसा, प्रतिरूप, प्रतिध्वनि

वि

विशेष

विजय, विहार, विख्यात, व्याधि, व्यसन, व्यवहार

सु 

अच्छा

सुमंगल, सुगन्ध, , सुयश, सुमन,सुलभ, सुबोध, सुशील

अन् 

नहीं/बुरा

अनन्त, अनुपयोगी, अनुपयुक्त, अनागत, अनिष्ट, अनुपम, अनावश्यक

सम्

अच्छी तरह

सन्तोष, संगठन, संलग्न, संकल्प, संशय, संरक्षा, सम्मान

हिन्दी के उपसर्ग (तद्भव)

हिन्दी के उपसर्ग अधिकतर संस्कृत उपसर्गों के अपभ्रंश

 (aberration) से बने हैं, ये विशेष रूप से तद्भव शब्दों के पहले आते हैं-


उपसर्ग 

अर्थ 

उपसर्ग से बने शब्द

औ 

अब 

औगुन, औगढ़, औसर, औघट, औतार

कु 

बुरा / ख़राब 

कुपुत्र, कुरूप, कुख्यात, कुचक्र, कुरीति, कुप्रथा

चौ 

चार की संख्या का अर्थ 

चौराहा, चौमासा, चौपाया, चौरंगा, चौकन्ना, चौमुखा,

पच 

पाँच की संख्या का अर्थ 

पचरंगा, पचमेल, पचकूटा, पचमढ़ी,

चिर 

सदैव (always)

सदैव     चिरयौवन, चिरपरिचित,चिरकाल, चिरायु, चिरस्थायी

न 

नहीं 

नकुल, नास्तिक, नग, नपुंसक, नगण्य, नेति

पर 

दूसरा (other)

परहित, परदेसी, परजीवी, परकोटा, परलोक, परोपकार

बिन 

बिना (without)

बिन खाया, बिनब्याहा बिनबोया, बिनमाँगा, बिनबुलाया

बहु 

अधिक /ढेर सा 

बहुमूल्य, बहुवचन, बहुमत, बहुभुज, बहुविवाह, बहुसंख्यक, बहुलक

आप 

खुद / स्वयं 

आपकाज, आपबीती, आपकही, आपसुनी

सम 

समान / बराबर (Equal)

समकोण, समकक्ष, समतल, समदर्शी, समकालीन, समग्र

दु

बुरा/हीन

दुत्कार, दुबला, दुर्जन, दुर्बल,

भर 

पूरा (whole)

भरपेट, भरपूर, भरकम, भरसक, भरमार, भरपाई

स 

सहित (with)

सहित, सफल, सबल, सगुण, सजीव, सावधान, सकर्मक, ससम्मान,

अन 

नहीं

अनकहा, अनबन, अनपढ़, अनजान, अनहोनी, अनमोल, अनचाहा

अध

आधा

अधपका, अधमरा, अधजला, अधखिला, अधनंगा, अधगला, अधपचा,

उन   

एक कम

उनचालीस, उन्नीस, उनतीस, उनसठ, उन्नासी

    उर्दू के उपसर्ग (हिंदी में उर्दू के उपसर्ग) 

उपसर्ग 

अर्थ 

उपसर्ग से बने शब्द 

ला 

बिना without 

लावारिस, लाचार, लाजवाब, लापरवाह, लापता

बद 

बुरा 

बदसूरत, बदनाम, बददिमाग, बदबू, बदकिस्मत

बे 

बिना 

बेकाम, बेअसर, बेरहम, बेईमान, बेरहम, बेनाम

कम 

थोड़ा 

कमबख्त, कमज़ोर, कमदिमाग, कमअक्ल, कमउम्र

ग़ैर 

के बिना 

गैरकानूनी, गैरजरूरी, ग़ैरहाज़िर, गैरसरकारी,

ना 

कमी / आभाव 

नाराज, नालायक, नामुमकिन, नादान, नापसन्द, नाकामयाब

खुश 

अच्छा / बेहतर / श्रेष्ठ 

खुशनुमा, खुशगवार, खुशमिज़ाज, खुशबू, खुशदिल

हम 

बराबर 

हमउम्र, हमदर्दी, हमराज, हमपेशा, हमराही

ऐन 

ठीक / सही 

ऐनवक्त, ऐनजगह, ऐनमौके

बा 

सहित with 

बाकायदा, बाइज्जत, बाअदब, बामौक़ा

सर

मुख्य 

सरताज, सरदार, सरपंच, सरकार

बेश 

अत्यधिक 

बेशकीमती, बेशुमार, बेशक्ल, बेशऊर

अल

निश्चित 

अलबत्ता, अलविदा, अलसुबह, अलगरज

  अंग्रेजी English  के उपसर्ग (हिंदी में इंग्लिश के उपसर्ग) 

उपसर्ग

अर्थ

उपसर्ग से बने शब्द

सब 

अधीन

सब-रजिस्ट्रार, सब-जज, सब-कमेटी, सब-इंस्पेक्टर

हाफ

आधा

हाफकमीज, हाफटिकट, हाफपेन्ट, हाफशर्ट

को co 

सहित

को-आपरेटिव, को-आपरेशन, को-एजूकेशन

हैड 

मुख्य (Head)

हैडमास्टर, हैडऑफिस, हैडक्लर्क, हैडबाॅय             

वाइस

सहायक 

वाइसराय, वाइस-चांसलर, वाइस-प्रेसिडेन्ट 

प्रत्यय एवं उपसर्ग पर MCQ प्रश्न भी नीचे दिया गया जरूर पढ़ें


प्रत्यय Pratyay 

प्रत्यय शब्द का अर्थ 

प्रति का अर्थ साथ में पर बाद में + अय का मतलब चलनेवाला तो प्रत्यय शब्द का अर्थ पीछे चलना। 

प्रत्यय जो मूल शब्द के अंत में शब्दांश लगते हैं, उसे प्रत्यय कहते हैं। 

 कृपा मूल शब्द है-

 इसमें प्रत्यय आलु जोड़ते हैं तो एक नया शब्द बनता है— कृपा + आलु= कृपालु 

प्रत्यय के बारे में ये जाने

प्रत्यय का अपना कोई अर्थ नहीं  होता है। जैसे आलु शब्द का एक अंश एक प्रत्यय है, इसका कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं है परंतु कृपा मूल शब्द के पीछे जुड़ने पर एक नया कृपालु शब्द बना जाता है। जिसका अर्थ है, जिसमें दूसरे पर कृपा करनेवाला कृपालु होता है। इसी तरह दयालु शब्द है। पढ़ + आई= पढ़ाई  प्रत्यय लगने से नया शब्द बना।

  

प्रत्यय Pratyay 

प्रत्यय शब्द का अर्थ 

प्रति का अर्थ साथ में पर बाद में + अय का मतलब चलनेवाला तो प्रत्यय शब्द का अर्थ पीछे चलना। 

प्रत्यय जो मूल शब्द के अंत में शब्दांश लगते हैं, उसे प्रत्यय कहते हैं। 

 कृपा मूल शब्द है-

 इसमें प्रत्यय आलु जोड़ते हैं तो एक नया शब्द बनता है— कृपा + आलु= कृपालु 

प्रत्यय के बारे में ये जाने

प्रत्यय का अपना कोई अर्थ नहीं  होता है। जैसे आलु शब्द का एक अंश एक प्रत्यय है, इसका कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं है परंतु कृपा मूल शब्द के पीछे जुड़ने पर एक नया कृपालु शब्द बना जाता है। जिसका अर्थ है, जिसमें दूसरे पर कृपा करनेवाला कृपालु होता है। इसी तरह दयालु शब्द है। पढ़ + आई= पढ़ाई  प्रत्यय लगने से नया शब्द बना। 

प्रत्यय = प्रति (साथ में पर बाद में)+ अय (चलनेवाला) शब्द का अर्थ है,पीछे चलना। जो शब्दांश शब्दों के अंत में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं।

 

जैसे- दयालु दया शब्द के अंत में आलु जुड़ने से अर्थ में विशेषता आ गई है। अतः यहाँ ‘आलू’ शब्दांश प्रत्यय है। प्रत्ययों का अपना अर्थ कुछ भी नहीं होता और न ही इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जाता है। प्रत्यय के दो भेद हैं-

 प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं-

1. कृत प्रत्यय – 

2. तद्धित प्रत्यय-

कृत् प्रत्यय

वे प्रत्यय जो धातु में जोड़ते हैं तो उसे  कृत प्रत्यय कहा जाता है। कृत् प्रत्यय से बननेवाले शब्द कृदंत (कृत्+अंत) शब्द

कहलाते हैं। जैसे- पाठ्  + अक = पाठक। यहाँ पर अक कृत् प्रत्यय है, और पाठक कृदंत शब्द है।

 

प्रत्यय  

मूल  शब्दधातु

उदाहरण

अन 

चल्  पाल्, सह्, ने, चर्

चलन, पालन, सहन, नयन, चरण 

अक                                

लेख्, पाठ्, कृ, गै, चल्

लेखक, पाठक, कारक, गायक, चालक

अना

घट्, तुल्, वंद्, विद्                     

घटना, तुलना, वन्दना, वेदना

अनीय

रम्, दृश्, पूज्, श्रु, मान्

रमणीय, दर्शनीय, पूजनीय, श्रवणीय, माननीय

आराध्य, सूख, भूल, जाग, गीत, पूज, इष्, भिक्ष्, 

आराध्या, सूखा, , भूला, जागा, गीता, पूजा, इच्छा, भिक्षा

इया                      

दढ़, छल, जड़, बढ़, घट

दढ़िया, छलिया, जड़िया, बढ़िया, घटिया

इत

पठ, व्यथा, फल, पुष्प

पठित, व्यथित, फलित, पुष्पित

आहट घबराना, चिल्लाना  घबराहट, चिल्लाहट 

हर, गिर, 

हरि, गिरि

आन

उड़, मिल, दौड़ चढ़ 

उड़ान, मिलान, दौरान,   चढ़ान 

आई

लिख्, लड़, सिल, पढ़, चढ़

लिखाई, लड़ाई, सिलाई, पढ़ाई चढ़ाई,

तद्धित प्रत्यय

तद्धित प्रत्यय को समझने के लिए निम्नलिखित पॉइंट को समझे-

  1. ऐसे प्रत्यय जो धातु यानी क्रिया (verb) से छोड़कर बनाए जाते हैं।
  2. इसका अर्थ हुआ कि संज्ञा सर्वनाम विशेषण वाले शब्द में जब तक के लगता है तो बात अतीत करते कहलाता है, ऐसे बने शब्द को तभी  तद्धितांत शब्द कहते हैं।
  3. उदाहरण के द्वारा तद्धित प्रत्यय को समझे 
  4. सेठ संज्ञा शब्द है। इस समय आनी प्रत्यय जोड़कर सेठानी शब्द स्त्रीलिंग बनाया जा सकता है जो एक संज्ञा शब्द बनता है।
  5. और भी उदाहरण  पंडित से पंडित और ठाकुर से ठकुराइन सब संज्ञा शब्दों से प्रत्यय जो बन रहा है यह तद्धित प्रत्यय कहलाता है।

तद्धित प्रत्यय के कई और उदाहरण निम्नलिखित हैं-

उदाहरण

 

प्रत्यय 

मूल शब्द

उदाहरण

आई 

  पढ़ना, जगना,पछताना 

पढ़ाई, जगाई, पछताई 

आईन 

पंडित ठाकुर

पंडिताइन ठकुराइन

आई

चतुर चौड़ा पंडित ठाकुर लड़

चतुराई चौड़ाई पंडिताई ठाकुर आई लड़ाई

आनी

जेठ सेठ देवर पंडित

जेठानी सेठानी देवरानी पंडितानी

इका

सेवक लेखक बालक पाठक

सेविका बालिका लेखिका पाठिका

लंगोट, चोट्टा, चमडा, अधेला 

लंगोटी, चोट्टी, चमड़ी अधेली

इया 

कुत्ता बूढ़ा

कुत्तिया बुढ़िया

इन 

माली धोबी साँप

मालिन,  धोबिन, साबुन, साँपिन 

आर/आरा

सोना, लोहा, दूध, गाँव

सुनार, लोहार, दूधार,गँवार

इष्ठ 

कन्, वर्, गुरु, बल

कनिष्ठ, वरिष्ठ, गरिष्ठ, बलिष्ठ

 उपसर्ग के उदाहरण और समझने के लिए सरल अर्थ के साथ

अति + पावन = अतिपावन 

बहुत पवित्र 

अति + मानव = अतिमानव  का आर्थ ताकतवर इंसान

अति + क्रमण = आतिक्रमण नियमों का उल्लंधन करके कोई कार्य कराना

अति + अधिक = अत्यधिक बहुत जयादा

अति + रिक्त = अतिरिक्त इसके अलावा

अति + उक्ति = अत्युक्ति  

अति + आचार = अत्याचार बहुत बुरा व्यवहार करना

अति + उत्तम = अत्युत्तम सबसे अच्छा

अति + शय = अतिशय बढ़ा चढ़ा कर कुछ कहना वास्तविकता से अलग

अधि + कृत = अधिकृत नियमों कानून के अनुसार 

अधि + करण = अधिकरण 

अधि + वक्ता = अधिवक्ता वकील

अधि + कार = अधिकार 

अधि + आदेश = अध्यादेश कानून जो राज्य सरकार बनाता है 

अधि + अयन = अध्ययन पढ़ना

अधि + पति = अधिपति राज्य या किसी जगह का मालिक यानि स्वामी

उपसर्ग के उदाहरण और समझने के लिए सरल अर्थ के साथ

अति + पावन = अतिपावन (अर्थ बहुत पवित्र )

अति + मानव = अतिमानव  का आर्थ ताकतवर इंसान

अति + क्रमण = आतिक्रमण नियमों का उल्लंधन करके कोई कार्य कराना

अति + अधिक = अत्यधिक बहुत जयादा

अति + रिक्त = अतिरिक्त इसके अलावा

अति + उक्ति = अत्युक्ति  ( good Idea)



उपसर्ग के उदाहरण और समझने के लिए सरल अर्थ के साथ


अति + पावन = अतिपावन (अर्थ बहुत पवित्र )

अति + मानव = अतिमानव  का आर्थ ताकतवर इंसान

अति + क्रमण = आतिक्रमण नियमों का उल्लंधन करके कोई कार्य कराना

अति + अधिक = अत्यधिक बहुत जयादा

अति + रिक्त = अतिरिक्त इसके अलावा

अति + उक्ति = अत्युक्ति  

अति + आचार = अत्याचार बहुत बुरा व्यवहार करना

अति + उत्तम = अत्युत्तम सबसे अच्छा

अति + शय = अतिशय बढ़ा चढ़ा कर कुछ कहना वास्तविकता से अलग

अधि + कृत = अधिकृत नियमों कानून के अनुसार 

अधि + करण = अधिकरण 

अधि + वक्ता = अधिवक्ता वकील

अधि + कार = अधिकार 

अधि + आदेश = अध्यादेश कानून जो राज्य सरकार बनाता है 

अधि + अयन = अध्ययन पढ़ना

अधि + पति = अधिपति राज्य या किसी जगह का मालिक यानि स्वामी


——————————————-

अति + आचार = अत्याचार बहुत बुरा व्यवहार करना

अति + उत्तम = अत्युत्तम सबसे अच्छा

अति + शय = अतिशय बढ़ा चढ़ा कर कुछ कहना वास्तविकता से अलग

अधि + कृत = अधिकृत नियमों कानून के अनुसार 

अधि + करण = अधिकरण 

अधि + वक्ता = अधिवक्ता वकील

अधि + कार = अधिकार 

अधि + आदेश = अध्यादेश कानून जो राज्य सरकार बनाता है 

अधि + अयन = अध्ययन पढ़ना

अधि + पति = अधिपति राज्य या किसी जगह का मालिक यानि स्वामी

अधि + अक्ष = अध्यक्ष किसी संस्था का प्रमुख

अन् + अंत = अनंत कभी खतम न होनेवाले

अन् + इच्छा = अनिच्छा  काम न करने की इच्छा 

अन् + आचार = अनाचार बुरा बर्ताव कराना 

अन् + उदार = अनुदार उदार यानि अच्छे स्वभाव का सभी पर दया करने की भावाना अनदार कहलाती है।

अन् + एक = अनेक ढेर सारा

अन् + आदर = अनादर बइेज्जती करना

अनु + करण = अनुकरण किसी के काम की नकल करना या उसे फालो करना

अनु + कंपा = अनुकंपा किसी की  कृपा

अनु + शासन = अनुशासन नियमों और नैतिकता का पालन करना

अनु + दान = अनुदान किसी संस्था को भले काम के लिए सरकार द्वारा पैसे देना सरकारी अनुदान कहलाता है।  

अनु + गमन = अनुगमन किसी के पदचिह्नों पर चलना 

अनु + भव = अनुभव 

अनु+मान= अनुमान सटीका जानकारी न होना केवल अनुभव या मन से सोचना

अनु + भूति= अनुभूति आत्मज्ञान की स्थिति यानि खुद अनुभव करना

अनु + रूप = अनुरूप उसके जैसा

अनु + सरण = अनुसरण किसी की तरह जीना या उसके विचारों व सोच को अपनाना

अनु + वाद = अनुवाद एक भाषा से दूसरे भाषा में समझने के लिए लिखना

अप + यश = अपयश बदनामी 

अप + मान = अपमान बेइज्जती

अप + कर्ता = अपकर्ता

अप + शब्द = अपशब्द बुरा भला कहना

अप +कीर्ति = अपकीर्ति बदनामी

अप + कार = अपकार उपकार का उल्टा शब्द यानि किसी के साथ छल करना, धोखा देना इत्यादिक।

अप + हरण = अपहरण बल से किसी जीव या इंसान को बिना उसकी मर्जी के ले जाना 

अप + वाद = अपवाद नियामों से अलग

अप + शकुन = अपशकुन बुरा होने का संकेत

अभि + कथन = अभिकथन 

अभि + आस = अभ्यास प्रक्टिस यानि रियाज करना

अभि + रक्षा = अभिरक्षा 

अभि + नेता = अभिनेता नाटक या सिनेमा आदि का पुरुष पात्र

अभि +ज्ञान =  अभिज्ञान  सभी तरह का ज्ञान

अभि + शाप = अभिशाप दंड

अभि + योग = अभियोग, बुरे काम के लिए किसी संस्था या कनून के द्वारा दंड

अभि + मुख = अभिमुख

 अभि+भावक= अभिभावक (पेरेंट्स)

अभि + नव = अभिनव, नया

अव + तार = अवतार, महापुरुष का जन्म लेना

अव + चेतन = अवचेतन 

 उपसर्ग और प्रत्यय पर एम सी क्यू क्वेश्चन   the question of upsarg and pratyay multiple choice question for  examination 

निम्नलिखित उपसर्ग और प्रत्यय पर आधारित एमसीक्यू क्वेश्चन के सही विकल्प चुनिए। उपसर्ग और प्रत्यय के विकल्प के सही उत्तर नीचे दिए गए हैं।

FQ

  1. प्रत्युत्तर में कौन सा उपसर्ग है-

i. प्रति 

ii. प्रती

iii.  प्रत्

iv  प्र

उत्तर– i. प्रति + उत्तर = प्रत्युत्तर

2. स्वागत में कौन—सा उपसर्ग लगा है?

i गत

ii स्वा

iii स्व

iv सु

उत्तर – iv

4. प्रत्यक्ष शब्द में कौन—सा उपसर्ग लगा है?

i प्र

ii प्रति

iii प्रत्य

iv प्रत्

उत्तर – ii

5. दुष्कर शब्द में कौन उपसर्ग का प्रयोग किया गया है?

i दुश

ii दुस्

iii दुष

iv दु

उत्तर – ii

FAQ

उपसर्ग और प्रत्यय क्या होते हैं?

इसे मूल शब्द में  शब्दांश या अव्यय  मूल शब्द के पहले आकर जुड़ जाते हैं और एक नया शब्द बनाते हैं उसे उपसर्ग कहा जाता है। 

जैसे –  जैसे की कृति शब्द में उपसर्ग मिलने से आकृति बन गया । 

जब मूल शब्द के पीछे कोई शब्दांश जुड़ता है तो वह प्रत्यय कहलाता है। जैसे पढ़ मूल शब्द आकू बनने बना नया शब्द पढ़ाकू। 

उपसर्ग के कितने प्रकार होते हैं?

संस्कृत के उपसर्ग –  तत्सम संस्कृत के शब्द हैं उनके उपसर्ग से बने शब्दों  को संस्कृत के उपसर्ग कहा जाता है। 

 हिंदी के उपसर्ग – तद्भव शब्दों में इस्तेमाल किया जाने वाला उत्तर हिंदी के उत्तर कहलाते। आगत उपसर्ग – हिंदी में इस्तेमाल किए जाने वाले ऐसे विदेशी भाषाओं से शब्द जैसे- अरबी, फारसी, उर्दू, अंगेजी भाषा के उपसर्ग को हिंदी में अपना लिया गया  उसे आगत उपसर्ग कहते हैं।  

 

व्याकरण की सीरीज में उपसर्ग और प्रत्यय से (Upsarg Pratyay)   आशा करते व्याकरण की इस सीरीज  आज के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो रहा होगा।  कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन और एकेडमिक एग्जामिनेशन में व्याकरण के उपसर्ग प्रत्यय से बहुत क्वेश्चन पूछे जाते हैं।  hindi veyakran टॉपिक आज के लिए जानकारीपरक है। कृपया इसे पढ़ें और लोगों को शेयर भी करें।

Read Also

About the author

admin

नमस्कार दोस्तो!
New Gyan हिंदी भाषा में शैक्षणिक और सूचनात्मक विषयवस्तु (Educational and Informative content) के साथ ज्ञान की बातें बतलाता है। हिंदी-भाषा में पढ़ाई-लिखाई, ज्ञान-विज्ञान, साहित्य, तकनीक आदि newgyan website नया ज्ञान आपको बताता है। इंटरनेट जगत में यह उभरती हुई हिंदी की वेबसाइट है। हिंदी भाषा से संबंधित शैक्षिक (Educational) साहित्य (literature) ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, सूचना इत्यादि नया ज्ञान, new update, नया तरीका बहुत ही सरल सहज ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
ब्लॉग के संस्थापक Founder of New gyan
अभिषेक कांत पांडेय- शिक्षक, लेखक- पत्रकार, ब्लॉग राइटर, हिंदी विषय -विशेषज्ञ के रूप में 15 साल से अधिक का अनुभव है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और इंटरनेट पर विभिन्न विषय पर लेख प्रकाशित होते रहे हैं।
शैक्षिक योग्यता- इलाहाबाद विश्वविद्यालय से फिलासफी, इकोनॉमिक्स और हिस्ट्री में स्नातक। हिंदी भाषा से एम० ए० की डिग्री। (MJMC, BEd, CTET, BA Sanskrit)
प्रोफेशनल योग्यता-
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता मे डिप्लोमा की डिग्री, मास्टर आफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, B.Ed की डिग्री।
उपलब्धि-
प्रतिलिपि कविता सम्मान
Trail social media platform writing competition winner.
प्रतिष्ठित अखबार में सहयोगी फीचर संपादक।
करियर पेज संपादक, न्यू इंडिया प्रहर मैगजीन समाचार संपादक।

1 Comment

Leave a Comment