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सितंबर, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भाई या बहन के साथ बड़े हो रहे बच्चों के अंदर होता है सकारात्मक विकास

बचपन  के दिन बड़े सुहावने और मौज मस्ती वाले होते हैं। अकेले रहने वाले बच्चों पर नेगेटिविटी थिंकिंग का प्रभाव पड़ता है, जिनसे उनके सोचने के तरीके में नकारात्मकता आ जाती है। लेकिन इसके विपरीत, जो बच्चा अपने भाई या बहन के साथ बड़ा होता है, वे बच्चे नकारात्मक एक्टिविटी से दूर रहते हैं। उनमें अकेलापन डर और शर्मिला कम ही देखा जाता है। उनके भाषा का विकास बहुत तेजी से होता है क्योंकि उनके साथ उनके भाई या बहन अपने सुख-दुख और भावनाओं को बखूबी बाँटते हैं।  इसकी तुलना में अकेले रहने वाला बच्चा, जिसके भाई या बहन नहीं है। वह नकारात्मकता की ओर जा सकता है। ऐसी स्थिति में अकेलापन डर और शर्मिलापन होने की संभावना होती है। जो कि डिप्रेशन की ओर ले जा सकता है। यही डिप्रेशन किसी विशेष चीज से नफरत करना सिखा सकती है। कुछ मामलों में इंसान खुद को नुकसान भी पहुँचा सकता है।  लेकिन ऐसे बच्चे जो घर में भाई या बहन के साथ रहते हैं, कहने का मतलब यह है कि वे बच्चे जो अपने उम्र के साथ भाई या बहन के साथ बढ़ते हैं, उनमें चीजों के प्रति सकारात्मकता होती है।  अकेले रहने वाले बच्चों की तुलना में भाई बहन के साथ बड़े होने वाले

और कार्टून सीरियल हमारे बच्चे को सिखा रहे हैं , गलत आदतें

आज हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं फेवरेट कार्टूनों के बारे में बताएंगे कैसे यह बनाए जाते हैं, कैसे चलते हैं, कौन-कौन से हैं  कब हुई थी इनकी शुरुआत और कार्टून सीरियल हमारे बच्चे को  कैसे सिखा रहे हैं, गलत आदतें ।   कार्टून किसे नहीं पसंद है। क्या बच्चे क्या बूढ़े क्या जवान सब को भाते हैं तेजी से भागने वाले शरारत करने वाले प्यारे से कार्टून करैक्टर। जब यह कार्टून नहीं थे तो ड्राइंग के माध्यम से लोग अपनी भावनाओं और कला को दिखाते थे।  इसके बाद फोटोग्राफी तकनीक आई और अब कंप्यूटर से बनाए जाते हैं। आप सोचते होंगे कि जो कार्टून टीवी पर दिखाया जाता है कैसे बनता होगा। दरअसल इन एनीमेटेड कार्टून को बनाने के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं। पहले तो कार्टून चित्रों को सिलसिले की लगातार फोटोग्राफी की जाती है। कैमरे के सामने जब एक एक चित्र चलता है तो चित्र के किरदार थोड़ा-थोड़ा हरकत करते नजर आते हैं और विराम चित्रों की रील तेजी से चलने पर करैक्टर भागते नजर आते हैं। जब इसको प्रोजेक्ट किया जाता है तो हमारी आंखों को पूरी फिल्म चलती फिरती नजर आती है। फ्रांस में बना था पहला कार्टून करैक्टर एनीमेटेड कार्

पैन को आधार से लिंक कराने की नई तारीख का ऐलान, ऐसे करें पैन को आधार कार्ड से लिंक

PAN (Permanent Account Number) और आधार कार्ड (PAN-Aadhaar link) को लिंक कराने की अंतिम तारीख को बढ़ा दिया गया है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब आधार से पैन कार्ड को लिंक कराने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2019 तय की गई है। इससे पहले यह 30 सितबंर 2019 थी। 31, दिसंबर 2019 तक पैन कार्ड को कराएं आधार कार्ड से लिंक नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान। आयकर विभाग की ओर से जारी आदेश में या कहा गया है कि जो पैन आधार कार्ड से लिंक नहीं किया जाएगा वह रद्द हो जाएंगे। इस नुकसान से बचने के लिए आपको तय समय सीमा में अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक कराना जरूरी है। ऐसे पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं होंगे उनसे कोई भी वित्तीय लेनदेन नहीं किया जा सकेगा। ऐसे आधार कार्ड सता अमान्य हो जाएंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जो आधार कार्ड निष्क्रिय हो जाएंगे, क्या ऐसे पैन कार्ड समय सीमा के बाद री-एक्टिवेट हो पाएंगे कि नहीं।  पैन कार्ड को आधार से लिंक कराने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट  www.incometaxindiaefiling.gov.in  को   खोलें। वेबसाइट के बायीं तरफ दिए लाल रंग के

नवरात्रि का शारदी नवरात्र: सिद्धि योग वाला। जाने पूजा पद्धति और मुहूर्त

इस शारदीय नवरात्रि पर 9 दिन में 9 देवियां देंगी नौ संयोग, घट स्थापना के भी कई मुहूर्त। इस बार का  शारदीय नवरात्रि का महत्व विशेष है। शारदीय नवरात्रि रविवार 29 सितंबर से शुरू होकर यह 8 अक्टूबर तक चलेगी। नवरात्रि के दिन शक्ति प्राप्त करने का दिन होता है। इस बार 9 दिन  नव अद्भुत और मंगलकारी शक्तियों का सहयोग मिल  मिल रहे हैं।   ये है सिद्धियां - 2 दिन अमृत सिद्धि 2 दिन  सर्वार्थसिद्धि 2 दिन रवि योग की सिद्धि प्राप्त होगी। दो सोमवार भी होंगे जो शिव और शक्ति के प्रतीक हैं अश्वनी नव रात को देवी ने अपनी वार्षिक पूजा कहा है  कि यह पूजा मुझे बहुत प्रिय है। मैं अपना वचन पूरा करने के लिए इस संसार लोक में आती  हूं। इस बार मां देवी दुर्गा का आगमन  हाथी के सवारी से हो रहा है।  यानी कि माँ दुर्गा हाथी पर विराजमान होकर पधार रही हैं।  पहले दिन शैलपुत्री की आराधना से नवरात्र का प्रारंभ होगा। इस बार देवी भगवती हाथी पर सवार होकर आ रही है लेकिन घोड़े पर सवार होकर उनकी विदाई होगी। वर्षा और प्रकृति का प्रतीक भी है- घोड़े पर सवारी ।इसके साथ ही हाथी पर आगमन शुभ माना जाता है। धन और धान की कोई कमी नहीं

जीवन साथी अगर गुस्से में तो उसे ऐसे मनाएं

                    हैप्पी मैरिड लाइफ की कल्पना के साथ मन में कई सपने संजोए आप अपनी शादीशुदा जिंदगी में प्रवेश करते हैं लेकिन आपके साथ ही का  गुस्सैल स्वभाव आपके सारे अरमानों पर पानी फेर देता है। जीवन साथी के साथ बात-बात में गुस्सा करने के पीछे कोई वजह हो सकती है। इस तरह की समस्या की पहचान और फिर समाधान करके आप अपने वैवाहिक जीवन को फिर से खुशनुमा बना सकते हैं।  आप दोनों के बीच प्यार है अच्छी समझ भी है लेकिन पति या पत्नी के गुस्सैल स्वभाव के चलते आप दोनों के दांपत्य जीवन में खुशियों की जगह केवल तनाव और नोकझोंक ही रह गया है। क्योंकि आपको अपने जीवन साथी के साथ पूरी लाइफ बितानी हैं तो ऐसे में आपको अपने पार्टनर के गुस्से के साथ डील करना सीखना ही होगा। आपकी सूझबूझ और समझदारी ही आपके गुस्सैल स्वभाव वाले पाटनर में बदलाव ला  सकता है।  1.  पहचाने अपनी ताकत आप दोनों ने पति-पत्नी के रूप में जीवन भर हर हाल में एक दूसरे का साथ निभाने की कसम खाई है तो गुस्से जैसी स्थिति क्यों? इसलिए आप दोनों में जब भी कोई एक गुस्से में हो, दूसरे की कोशिश यही रहनी चाहिए कि वह शांत रहकर परिस्थितियों को

माँ से अच्छी आदतें बच्चे सीखते हैं जल्दी, जानें कैसे

बच्चे सबसे पहले किसी से सीखते हैं तो माँ से,  घर ही उनकी पहली पाठशाला होती है और माँ पहली टीचर।     माँ होने का दायित्व आप अच्छे से निभाती हैं तो लाड़  प्यार के बीच बच्चों में सही परवरिश करने की जिम्मेदारी आप पर है। बच्चों के मन को जानना और उसी के अनुरूप उनका पालन-पोषण करना भी जरूरी है।  आइए जानते हैं 5 तरीके जिससे आप अपने बच्चों में डाल सकते हैं अच्छी आदतें जैसे हर व्यक्ति की अपनी एक अलग सोच और एक अलग व्यवहार होता है ठीक उसी तरह से हर बच्चे का अपना एक अलग स्वभाव होता है। बच्चों का स्वभाव हर आयु वर्ग में अलग-अलग होता है। इसलिए हर एक बच्चे को एक ही नजरिए से देखना ठीक नहीं है यहां पर हम कुछ टिप्स दे रहे हैं जिन्हें आप अपना कर दुनिया की सबसे अच्छी माँ बन सकती है। 1.  बच्चे को करें, खूब प्यार और दुलार 3 से 4 साल के बच्चे बहुत ही संवेदनशील होती हैं। चाहे वह बोल कर अपनी इमोशन व्यक्त ना कर सके लेकिन वे आपके हर हाव भाव को बखूबी पढ़ते हैं और समझते हैं। पारिवारिक और अन्य जिम्मेदारियों के कारण हो सकता है कि आप थोड़ा टेंशन में हूं और बच्चों से दूर रहें। लेकिन यही वह समय है जब

ऑफिस में डेडलाइन के अंदर काम करने के तरीके

Office management आज के दौर में कहीं भी किसी भी काम की डेडलाइन होती है। नौकरी में आप से यही अपेक्षा की जाती है कि आप अपने काम को बेहतर ही नहीं करें बल्कि काम सही समय पर भी हो तभी आप की उपयोगिता ऑफिस में बनी रहेगी।   आइए जानें डेडलाइन के अंदर कैसे पूरा करें काम।  यहाँ पर कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं, जिसे आप अपने ऑफिस के कामों को करने के लिए अपना सकते हैं। मिस्टर वर्मा की अपने ऑफिस में एक अलग पहचान है। चाहे उनके रिर्पोटिंग मैनेजर हो या उनके बिग बॉस सभी उनके काम के कायल हैं। तभी तो कोई भी महत्वपूर्ण काम मिस्टर वर्मा को ही सौंपा जाता है। उनके साथ काम करने वाले भी सोचते हैं कि आखिर खास क्या है, मिस्टर वर्मा में। मिस्टर वर्मा का समय से काम करना ही उनकी खासियत है। उनके बॉस को यह विश्वास है कि अगर वह काम वर्मा जी को दे रहे हैं तो वह समय में हो जाएगा।  आइए जानते हैं कि मिस्टर वर्मा किसी काम को किस ढंग से करते हैं? कैसे बनाते हैं अपनी स्टेट्रैडजी। आज के समय काम करने का तरीका बदल चुका है। हमारे बॉस हमसे अच्छे काम के साथ ही यह उम्मीद रखते हैं कि काम तय समय के भीतर हो जाए। आप बहु

10 बातें एक टीचर के लिए जानना बहुत जरूरी है

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ भारतीय संस्कृति में यह श्लोक गुरु की महिमा का बखान करता है। गुरु यानी शिक्षक और उस का व्यक्तित्व छात्र के जीवन में ज्ञान की रोशनी से उसके भविष्य को सँवारता है। अच्छा टीचर वही है, जो स्टूडेंट के मन मस्तिष्क पर ऐसी छाप छोड़ता है कि वह उसे जीवन भर याद रखता है।  आइए जाने एक बेहतरीन टीचर के 10 गुणों के बारे में।   यह क्वालिटी किसी टीचर को खास बनाती है। ऐसे 10 क्वालिटी की चर्चा हम करेंगे जो एक अच्छे टीचर की पहचान होती है। 1. कम्युनिकेशन स्किल यानी संचार कौशल   एक अच्छे टीचर की सबसे बड़ी पहचान होती है,  छात्रों पर प्रभावशाली ढंग से अपनी बात को रख सकने की कला।  स्टूडेंट और टीचर के बीच में संवाद दो तरफा होना चाहिए। टीचर का कम्युनिकेशन स्किल इफेक्टिव होना चाहिए ताकि वह अपने छात्रों से बेहतर संपर्क बना सके।  क्लास में भरोसेमंद  टीचिंग  एटमॉस्फेयर  के लिए  एक टीचर में  कम्युनिकेशन स्किल होना चाहिए।  टीचर  क्रिएटिविटी  यानी रचनात्मकता  वाला होना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में कल्

30 सितंबर तक पैन कार्ड को कराएं आधार कार्ड से लिंक नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान। पैन कार्ड को ऑनलाइन आधार से लिंक कराने के लिए पूरे स्टेप यहां पढ़ें

30 सितंबर, 2019 तक पैन कार्ड को कराएं आधार कार्ड से लिंक नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान। आयकर विभाग की ओर से जारी आदेश में या कहा गया है कि जो पैन आधार कार्ड से लिंक नहीं किया जाएगा वह रद्द हो जाएंगे। इस नुकसान से बचने के लिए आपको तय समय सीमा में अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक कराना जरूरी है। ऐसे पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं होंगे उनसे कोई भी वित्तीय लेनदेन नहीं किया जा सकेगा। ऐसे आधार कार्ड सता अमान्य हो जाएंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जो आधार कार्ड निष्क्रिय हो जाएंगे, क्या ऐसे पैन कार्ड समय सीमा के बाद री-एक्टिवेट हो पाएंगे कि नहीं।    पैन कार्ड को आधार से लिंक कराने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in को   खोलें। वेबसाइट के बायीं तरफ दिए लाल रंग के link Adhaar पर क्लिक करें। यदि आपका आयकर अकाउंट नहीं बना है तो पंजीकरण करा लीजिए। क्लिक करते ही पेज खुलेगा, जिसमें आपको अपना आधार नंबर, पैन नंबर और आधार के अनुसार नाम भरना होगा।  इसके बाद दिया गया कैप्चा कोड टाइप करें। जानकारी भरने के बाद नीचे दि

Career Advice

कॅरिअर एडवाइस मैं बीएससी की पढ़ाई कर रहा हूं। बीएससी करने के बाद मुझे जॉब पाने के लिए क्या करना चाहिए? अंकित सोनी आपके सवाल से यह पता नहीं चल रहा है कि आप किस विषय में बीएससी कर रहे हैं। बीएससी के बाद आप चाहे तो आगे पढ़ाई कर सकते हैं, गवर्मेंट जॉब की तैयारी भी कर सकते हैं या प्राइवेट जॉब के लिए एप्?लाई कर सकते हैं। वैसे यह इस पर निर्भर करता है कि आप अपने कॅरिअर में क्?या करना चाहते हैं। अगर आप सरकारी नौकरी करना चाहते हैं तो आपके पास रेलवे, बैंक, डिफेंस और सिवलि सर्विस एग्जाम देने का ऑप्?शन है। प्राइवेट सेक्टर में बीएससी के बाद ज्?याद अच्छे ऑप्शन नहीं हैं। ऐसे में मेरी सलाह है कि आपको आगे पढ़ाई करनी चाहिए। अगर बीएससी में आपके पास मैथ्स है तो आप एमसीए कर सकते हैं। अगर बायो, फॉरेस्ट्री, जूलॉजी जैसे सब्जेक्ट हैं तो आप इनसे संबंधित प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं। अगर आप मैनेजमेंट में कॅरिअर बनाना चाहते हैं तो आपके पास एमबीए करने का ऑप्?शन भी है। अगर आप स्कूल टीचर बनना चाहते हैं तो बीएड में एडमिशन ले लें। वैसे एमएसी करने के बाद अगर आप एमफिल और पीएचडी करने के साथ ही नेट क्वालिफाई कर लेते