Teaching tips: टीचर को पढ़ाते समय इन पांच बातें ध्यान रखना चाहिए

Teacher should keep these five things in mind while teaching (teaching tips)

Last Updated on April 13, 2024 by Abhishek pandey

teaching tips : आर्टिकल में हम पांच ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो टीचर के लिए जानना जरूरी है। जब हम अपने बच्चों को पढ़ाते हैं तो हमें इन बातों की जानकारी होनी चाहिए कि आखिर पढ़ाई का उद्देश्य क्या है। अक्सर परीक्षा की तैयारी करते समय हम पढ़ाई के उद्देश्य को भूल जाते हैं। यही कारण है कि परीक्षा में सफलता मिलने के बावजूद भी सही ज्ञान विषय में हासिल नहीं हो पाता क्योंकि हम पाठ पुस्तकों (text book) को केवल परीक्षा में पास होने का माध्यम ही बनाते हैं।

पाठ्यक्रम को बेहतरीन तरीके से इस तरह पढाए

यहां पर हम उन पांच बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं, जिसके जरिए आप बच्चों को परीक्षा की तैयारी के साथ ही उनके पाठ्यक्रम को बेहतरीन तरीके से पढ़कर पाठ्यक्रम के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं इसके साथ ही बच्चा उसे विषय में कुशल हो जाता है। 

महत्वपूर्ण बातें

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1. रटना शिक्षा नहीं है

रटन विद्या घटत पानी, जब तक रेट तब तक ज्ञानी। लोग सामान में प्रचलित यह सबसे पुरानी लोकोक्तियां हैं जो बताती है कि शिक्षा का मतलब रत्न नहीं होता है बल्कि समझाना होता है। ‌ नई शिक्षा नीति में इस बात का ध्यान रखा गया है कि बच्चा रटने की बजाय सीखने की प्रवृत्ति पर ध्यान दें। इसके लिए पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं को सीखना चाहिए। उदाहरण के लिए बच्चों को प्रोजेक्ट विधि से पाठ्यक्रम के किसी एक पाठ को समझाया जाए तो बच्चा अच्छे तरीके से सीखता है। इसके अलावा आसपास के वातावरण से पाठ्यक्रम में दी गई चीजों से जोड़कर बातों को बताने से बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति बहुत तेजी से बढ़ती है।

2. बच्चों को आसपास की चीजों से जोड़ना 

पर्यावरण पाठ पढ़ाते समय या विज्ञान में पेड़ पौधों की जानकारी देते समय आप बच्चों से कह सकते हैं कि आपके आसपास कौन-कौन से पेड़ हैं? इन पेड़ों की एक सूची बनाकर उन पेड़ों के बारे में दो- चार पंक्तियां भी लिखने के लिए कहिए। इस तरह बच्चे अपने चयन से सीखने की ओर प्रेरित होते हैं। यहां शिक्षक का मार्गदर्शन बहुत आवश्यक होता है। इस तरह का होमवर्क एक स्मार्ट होमवर्क है। कक्षा में बच्चे जब पेड़ों की सूची बनाकर लाते हैं तो उन्हें कई शब्दों के बारे में सीखने का मौका मिलता है इसके साथ ही पेड़ों की जानकारी और बच्चों के साथ साझा करते हैं।

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 यह कुछ इस तरह से हो सकता है कि ‌ हर बच्चा एक पेड़ बनाकर उस पेड़ की खूबियां बतायें। इससे बच्चों की अभिव्यक्ति और समझ का दायरा बढ़ता है। कक्षा के दूसरे बच्चे भी एक दूसरे से इस टॉपिक पर बेहतर सीखते हैं। 

3. स्मार्ट होमवर्क देना जो एक्टिविटी पर आधारित हो

चिड़िया पर आधारित कविता अगर पाठ पुस्तक पर है तो आप स्मार्टफोन वर्क दे सकते हैं।  कक्षा के सभी बच्चों को चिड़िया या  जानवरों पर आधारित 8 से 10 पंक्तियों की कोई कविता लिखकर और याद करके आने का होमवर्क दे सकते हैं। ‌

 यह रोचक गृहकार्य बच्चों के लिए बहुत ही अच्छा होगा। सभी बच्चे कक्षा में अलग-अलग तरह के चिड़िया पर आधारित से कविता सुनेंगे तो इससे सभी बच्चे विभिन्न कविताओं के अर्थ को समझने में सक्षम हो जाएंगे इसमें अध्यापक भी अपनी भूमिका स्पष्टीकरण के रूप में निभा सकता है।

पढ़ाई में केवल सूचना नहीं बल्कि पढ़ाने का नया तरीका 

आज इंसान सूचनाओं के बीच घिरा हुआ है। ढेर सारी सूचनाओं का बौछार अगर आपके आसपास नजर आने लगे तो आप समझ नहीं पाएंगे कि किस सूचना को हम ग्रहण करें और किसी सूचना को हम छोड़ दे। 

यदि बच्चों को पढ़ते समय शिक्षक द्वारा कक्षा में बहुत अधिक सूचना के रूप में ज्ञान दिया जाता है तो यह पढ़ाई नहीं बल्कि सूचनात्मक ज्ञान हुआ। इस कारण से बच्चों को पढ़ाई नीरस और बोझिल लगने लगती है। इसलिए पढ़ाई में रोचक ता लाने के लिए अलग-अलग टीचिंग मेथोड़ों का प्रयोग किया जाता है।

5. बच्चों की मातृभाषा का रखें ध्यान

 हमारा देश बाहुल संस्कृति वाला देश है। पढ़ते समय बच्चों के सांस्कृतिक पहचान और उसकी मातृभाषा का भी ध्यान रखना जरूरी होता है ताकि पढ़ाई बच्चों के लिए मजेदार बन सके। ‌

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सूचना शिक्षा नहीं

 बात हम कर रहे हैं कि सूचना को बेवजह बच्चों तक पहुंचाने की जगह बच्चे को सही सूचना चुनने और सूचनाओं के अंबार से खुद को निकालने के लिए उन्हें योग्य बनाने की जरूरत है।

 उनकी अभिव्यक्ति को आधार प्रदान करने के लिए उनके परिचय देने के तरीके, बोलने और समझने के तरीके का विकास करना बहुत जरूरी होता है। 

सूचनाओं में सही क्या है? गलत क्या है? इस चीज की समझ बच्चों में विकसित करने का भी काम शिक्षा के दौरान बच्चों में किसी कहानी और कविताओं के जरिए किया जा सकता है। 

जैसे किसी कहानी में चोरी करना सही नहीं है इस नैतिक मूल्य को समझने के लिए कहानी के उदाहरण का प्रयोग किया जा सकता है। 

पढ़ाने में गीत नाटक कहानी पहेली सबसे अच्छा माध्यम

पढ़ाई में गीत, नाटक, कहानी, पहेली जैसे तकलीफ का उपयोग करते हैं तो छोटे बच्चे सीखने में उत्साहित होते हैं। 

उत्साह का यह कारण उन्हें (children) दिमागी रूप से दुरुस्त बनता है और कोई चीज़ सीखने के लिए कम प्रयास में दुगना सीख जाते हैं। 

गणित, विज्ञान जैसे बोझिल लगने वाले विषयों को भी व्यावहारिक उदाहरण, गीत, कहानी, पहेली इत्यादि के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। बच्चा जब पढ़ने के लिए प्रेरित हो जाता है तो विज्ञान के सिद्धांत और गणित के फार्मूले को भी बहुत अच्छे तरीके से समझने लगता है। ‌ 

कारण यहां मन का है। जब शिक्षक नई अवधारणा और बच्चों की अवधारणा के साथ इन विषयों को जोड़ता है तो निश्चित ही बच्चे प्रेरित होकर पढ़ने के लिए उत्साहित होते हैं।

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गीत, नाटक, पहेली तथा एक्टिविटी के जरिए पढ़ने का यह बेहतरीन तरीका बच्चों को प्रेरित करता है। 

teaching tips आर्टिकल सारांश 

(teaching tips) टीचर को पढ़ने के लिए नई शिक्षा नीति के अंतर्गत के कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। कक्षा के बालकों को केंद्र में रखकर वह अपने टीचिंग एप्टीट्यूड यानी शिक्षण प्रणाली को लागू करता है। इस आर्टिकल के जरिए हमने आपको महत्वपूर्ण जानकारी दी है कि आज के समय में किस तरह से पढ़ाया की बच्चे पढ़ने में रुचि ले सके।

पढ़ाने के पांच तरीके के बारे में यहां पर हमने आपसे चर्चा की है। यह आर्टिकल नई शिक्षा नीति और नए पाठ्यक्रम के बदलाव पर आधारित है। ‌ निश्चित ही आर्टिकल आपके लिए उपयोगी है हमारे दूसरे teaching tips आर्टिकल वेबसाइट पर शिक्षा से संबंधित है, उसे भी आप पढ़ सकते हैं।

Author Profile

Rinki pandey
रिंकी पांडेय पिछले 5 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में राजनीति के विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार प्रकट करती रही हैं। एक कुशल गृहिणी होने के साथ ही राजनीति की रिपोर्ट और खबरे में भी रुचि रखती हैं। अपने विचारों से अवगत कराने के लिए लिखना भी शुरू किया है। उनके विचार आम भारतीय के विचार भी हैं जो एक नए नजरिए समाज को प्रदान करता है। ‌ आपके लेखन को खूब पसंद किया जा रहा है।

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