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AI boon or curse essay कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान या अभिशाप निबंध 800 शब्दों में | essay and paragraph writing artificial intelligence

AI boon or curse essay essay and paragraph writing in hindi
Written by Abhishek pandey

AI boon or curse essay कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान या अभिशाप निबंध 800 शब्दों में | essay and paragraph writing artificial intelligence

Career Education Artificial Intelligence AI ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप’ (Is artificial intelligence AI boon or curse essay’) 800 शब्दों में पैराग्राफ राइटिंग निबंध लेखन इस टॉपिक पर हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं। जैसा कि हम सब जानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बोलबाला इन दिनों न्यूज़ और लोगों के जीवन पर है। ऐसे में CBSE, UP बोर्ड और अलग-अलग कंपटीशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पेपर अनुच्छेद लेखन पैराग्राफ लेखन पूछा जा सकता है। newgyan.com पर हम एजुकेशनल और करियर से संबंधित नई जानकारी आप तक आप पहुंचाते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम आपको Career Education Artificial Intelligence AI, paragraph essay writing on in Hindi the topic is ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप’ (Is artificial intelligence a boon or a curse’)

Essay writing paragraph writing 800 words (कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप)

AI boon or curse essay: एजुकेशनल कंटेंट में हम आपको आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर निबंध लेखन 800 शब्दों में प्रस्तुत कर रहे हैं। यह कंटेंट हिंदी विषय में पूछे जाने वाले निबंध और अनुच्छेद लेखन के लिए बहुत उपयोगी है। CBSE board examination 2024 Hindi की प्रिपरेशन करने वाले स्टूडेंट के साथ ही यूपी बोर्ड से बिहार बोर्ड एमपी बोर्ड के स्टूडेंट के लिए भी यह बेहतरीन टॉपिक है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निबंध लेखन {AI boon or curse essay} करते समय सावधानियां

न्यू अपडेट एजुकेशनल मटेरियल। इस निबंध में हमने हिंदी के कठिन शब्दों को समझने के लिए ब्रैकेट में अंग्रेजी के पारिभाषिक शब्द लिखे हैं जिससे आपको निबंध समझना आसान हो जाए लेकिन जब आप अपनी परीक्षा में हिंदी विषय में निबंध लिखेंगे तो अंग्रेजी भाषा का प्रयोग उचित स्थान पर देवनागरी लिपि में ही करना होता है इसलिए इस बात का आपको ध्यान रखना जरूरी है। इसके साथ आपको या बता दे की हिंदी में निबंध लिखते समय आपके विचारों शैली के साथ भाषा की शुद्धता भी आवश्यक है। हिंदी के सही पारिभाषिक शब्दों का प्रयोग यथासंभव करने से आपको श्रेष्ठ अंक प्राप्त होता है।

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‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप’

प्रस्तावना

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जिसे अंग्रेजी के लघु रूप में एआई (AI) कहा जाता है। ‌ मनुष्य अपने कार्यों को आसान बनाने के लिए विज्ञान की सहायता लेता है। विज्ञान और तकनीक की एक बड़ी उपलब्धि कृत्रिम बुद्धिमता है।
मनुष्य मस्तिष्क की संरचना (Brain Structure) एक जटिल प्रक्रिया है परंतु अब यंत्र ( मशीन ) को सोचने, समझने और विश्लेषण करने की क्षमता प्रोग्रामिंग भाषा से प्राप्त हो गई है। ‌ इसलिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाली मशीन अब मनुष्य की जगह काम आसानी से कर सकता है।

चिकित्सा, प्रबंधन, शिक्षा, डिजिटल व्यापार, डाटा संकलन और विश्लेषण जैसे अनेक क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए हम अपना काम आसान कर सकते हैं। लेकिन यह प्रश्न उठता है कि ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग से नए रोजगार सृजन होने वाले हैं, या कई लोगों के रोजगार पर संकट आ जाएगा?

इन सभी ज्वलंत प्रश्नों को लेकर इन दिनों कई तरह के शोध हो रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से मनुष्यों को कौन-कौन सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और इसके प्रयोग से क्या-क्या लाभ हैं। इन सब को लेकर विद्वानों और विशेषज्ञों विभिन्न विचार और तर्क हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान

विज्ञान और तकनीक का यदि सही प्रयोग (use) किया जाए तो वह वरदान है। मनुष्य ने एक छोटी-सी सुई बनाकर कपड़ों को सिलना सीखा। यह उसके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि थी। इसी तरह से कई और यंत्र (machine) बनाए गए। जिसके कारण से उन्नत खेती और भव्य मकान बनना शुरू हो गया।

विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को इतना विकसित बना दिया कि वह अब दूसरे ग्रहों पर भी अपना अधिकार कर लिया है। चिकित्सा, अभियंत्रिक, विपणन, कृषि, इंटरनेट के क्षेत्र में अभूतपूर्व और सफलता प्राप्त की है। यह विज्ञान का वरदान है। इस कारण से मनुष्य का जीवन सुलभ और आरामदायक बन गया।

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समाज का निर्माण बहुत तीव्र गति से हुआ। विज्ञान के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना बहुत आसान हो गया। यदि हम इस तथ्य को समझ की विज्ञान का सही उपयोग करें तो हमारे लिए यह वरदान है। आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता मनुष्यों की इस पीढ़ी के लिए वरदान है।

आज किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करके हम समय और ऊर्जा बचा सकते हैं। इसका उपयोग मनुष्य जाति के उत्थान में किया जा सकता है। कृषि उद्योग व्यापार चिकित्सा शिक्षा में इसका प्रयोग करके हम एक नए समाज का निर्माण कर सकते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग हम अपने जीवन को आसान बनाने और मनुष्यों के जीवन को उन्नत बनाने के लिए इसका प्रयोग कर सकते हैं।

गरीबी, बेरोजगारी, बीमारी, प्रदूषण, अपराध जैसी बुराइयों को दूर करके सबके जीवन को सम्पन्न कर सकते हैं। ‌ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सही उपयोग करके हम पवित्र अर्थव्यवस्था को स्थापित कर मानव जीवन के दुख और कष्टों को दूर कर सकते हैं। कृत्रिम बुद्धिमता विज्ञान की देन है, इसका सही प्रयोग करके इसे वरदान के रूप में हम बदल सकते हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता अभिशाप {AI boon or curse essay}

इतिहास के पन्ने पर दृष्टिपात करें तो ज्ञात होता है कि विज्ञान वरदान है लेकिन जब इसका उपयोग परमाणु बम की तरह मानव जाति को नष्ट करने के लिए युद्ध में किया जाता है तो परमाणु का आविष्कार विज्ञान की एक बड़ी उपलब्धि अभिशाप के रूप में बदल जाती है।

इसी प्रकार यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग विध्वंस के रूप में करना आरंभ कर दे तो मनुष्य के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आविष्कार अभिशाप बन जाएगा।
यह स्मृति सदैव मानसिक पटल पर बनी रहनी चाहिए कि इस संसार में जीवन का महत्व है। वह चाहे वनस्पति या जीव-जंतु या मनुष्य के रूप में हो उसकी सुरक्षा कोई यंत्र (मशीन) नहीं कर सकता है बल्कि मानव को स्वयं इसकी सुरक्षा का भार अपने कंधों पर लेना है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को वह शक्ति प्रदान नहीं करनी है, जहां अंतिम निर्णय मनुष्य लेता है उन क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करना उचित नहीं है क्योंकि मशीनों की बुद्धिमत्ता मनुष्य जाति के लिए समस्या बन सकती है। इसलिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रयोग मनुष्यों को सोच समझकर करना चाहिए, जिससे मनुष्य का भला हो सके। चिकित्सा, शिक्षा, प्रबंधन, कानून व्यवस्था, प्रशासन इत्यादि क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमता का प्रयोग एक सहायक के रूप में होना चाहिए यह अंतिम निर्णय मनुष्य के हाथ में होना आवश्यक है तभी हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अभिशाप से बच पाएंगे।

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निष्कर्ष

विज्ञान की उपलब्धि मनुष्य के हित के लिए होती है इसके लिए हमें मानव जाति और इस धरती की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसमें प्रकृति और जीव जंतु सभी शामिल है। लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले यंत्र का प्रयोग अंततः मनुष्य के हाथों में ही होना चाहिए। इसके लिए प्रभावशाली नैतिकता और कानून की आवश्यकता है।

दुष्ट शक्तियों के हाथ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के द्वारा कहीं मानव जाति के साथ खिलवाड़ न बन जाए इसलिए आने वाले समय में कृत्रिम-बुद्धिमत्ता के प्रभाव और इसके दुष्प्रभाव के बारे में शोध करके पूरे विश्व के देशों को इस पर विचार तथा चिंतन करना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न होने वाले कई तरह के अपराध और कई तरह की हानियों के बारे में परिचर्चा विस्तार से होना आवश्यक है इसके लिए विश्व स्तर के कानून का पालन सभी देशों को करना अनिवार्य हो, इस पर एक प्रतिवेदन तैयार हो तभी इसके प्रयोग को हर स्तर पर लागू करना चाहिए।


एजुकेशनल कंटेंट

तो दोस्तों आज हमने आपके सामने AI boon or curse essay कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान या अभिशाप निबंध 800 शब्दों में (essay and paragraph writing artificial intelligence in Hindi) पर यह निबंध प्रस्तुत किया है आशा है कि या निबंध आपको पसंद आया होगा आपकी परीक्षा CBSE बोर्ड क्लास 10th या किसी और बोर्ड की परीक्षा के लिए कंपटीशन के लिए या निबंध विचार आपके लिए बहुत उपयोगी होगा या न्यू अपडेट टॉपिक ऐसे राइटिंग के आपके सामने हमने प्रस्तुत किया है अपने विचार कमेंट के माध्यम से आप हमारे सामने रख सकते हैं।

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Abhishek pandey

Author Abhishek Pandey, (Journalist and educator) 15 year experience in writing field.
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