पोटेंशियल सुपर पावर का अर्थ हिंदी में और भारतीय राजनीति में इसका महत्व

पोटेंशियल सुपरपावर potential super power का हिंदी में अर्थ क्या होता है? इसके बारे में पूरी जानकारी और इस शब्द का महत्व भारत की राजनीति में क्या है? इसके बारे में यहां पर हम आपको पूरी जानकारी प्रदान कर रही है।

Last Updated on April 10, 2024 by Abhishek pandey

पोटेंशियल सुपरपावर potential super power का हिंदी में अर्थ क्या होता है? इस शब्द का महत्व भारत की राजनीति में क्या है? इसके बारे में यहां पर हम आपको पूरी जानकारी प्रदान कर रही है।

पोटेंशियल सुपर पावर का अर्थ हिंदी में संभावित महाशक्ति होता है। ‌ जब कोई देश आने वाले समय में अमेरिका जैसी महाशक्ति बनाने की योग्यता रखती है, तब दुनिया में उस देश को पोटेंशियल सुपर पावर या संभावित महाशक्ति के रूप में जाना जाता है। ‌ भारत भी संभावित महाशक्ति यानी पोटेंशियल सुपर पावर के रूप में अपनी पहचान बना रही है। ‌

भारत एक पोटेंशियल सुपर पावर 

भारत एक पोटेंशियल इस सुपर पावर के रूप में इन कारणों से अपनी पहचान बनाई हुई है।

  • दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत सामने आ रहा है। 
  • भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। 
  • भारत का व्यापार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। 
  • भारत में जहां एक और गरीबी है लेकिन इसके बावजूद भी भारत में अमीरी तेजी से बढ़ रही है। 

भारत में अमीरी गरीबी की खाई को पाटना जरूरी

आम इंसान को सही मजदूरी और सही वेतन दिलाना भी एक महत्वपूर्ण कार्य है। कुछ कानून ऐसे भी बनाने होंगे कि नियोक्ता किसी का शोषण न कर सके। भारत में कामगारों, किसानों और मध्यमवर्गीय, निम्न आय वर्ग के लोगों के जीविका की संरक्षण और उन्हें विभिन्न लाभकारी योजना से जोड़नेकी आवश्यकता है।

एक खबर पर नजर डालें भारत में 100 सबसे अधिक अमीर लोगों की बात

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सबसे अमीर 100 भारतीय लोगों की सूची फोर्ब्स द्वारा जारी की गई इनकी कुल संपत्ति अगर जोड़ दिया केवल 100 लोगों के पास 800 अरब डॉलर networth हैं।

क्या भारत एक सुपरपावर देश !

इस तरह से देखा जाए तो दुनिया की नजर में भारत एक सुपर पावर बनकर उभर रही है। हालांकि भारत को सुपर पावर अभी इसलिए नहीं कहा जाएगा क्योंकि भारत में सुपर पावर बनने की क्षमता है लेकिन यहां पर अभी भी गरीबी बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। ‌ पूरी दुनिया में अमेरिका एक महान शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाता है। ‌

देखा जाए तो पूरी दुनिया में रूस और अमेरिका एक दूसरे से आगे जाने की होड़ में भारत को मददगार के रूप में या हितैषी के रूप में अपने साथ रखना पसंद करते हैं। ‌ असल में भारत पूरी दुनिया में अपनी संस्कृति और लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण अपनी खास पहचान बनाता है।

दुनिया की नजर में भारत एक खास विषमता वाला देश हो। लेकिन भारतीय संस्कृति ने हमेशा पश्चिमी संस्कृति को प्रभावित किया है। ‌ वही दुनिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डंका भी चारों तरफ बज रहा है। निर्णय लेने की बेहद क्षमता नरेंद्र मोदी में है। दुनिया के सभी बड़े नेताओं को वह प्रभावित भी करते हैं यही कारण है कि दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गज भारत को संभावित महाशक्ति के रूप में पहचान करते हैं। 

भारत में लोकसभा चुनाव और भारत एक संभावित महाशक्ति 

आपको बता दे कि भारत में लोकसभा चुनाव शुरू हो चुका है। इसके लिए चुनाव आयोग ने सबसे बड़ी लोकतांत्रिक चुनाव कराने की घोषणा भी कर दी है। ऐसे में भारत के के प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनावी आरोप प्रत्यारोप शुरू हो चुका है। ‌ जनता के सामने कांग्रेस ने अपना मेनिफेस्टो भी रखा है, जिसमें बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया है। ‌ 

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भारतीय राजनीति में संभावित महाशक्ति का महत्व

आज का दौरा राजनीति में नए-नए शब्दों के सफल प्रयोग का है। सत्ता पक्ष की ओर से भारत एक संभावित महाशक्ति शब्द का प्रयोग किया जा रहा है। ‌

इसका महत्व है कि सत्ता पक्ष बताना चाहता है कि उसके शासनकाल में दुनिया में एक नई पहचान बनाई है। ‌ इसी तरह यदि विकास के काम चलते रहे तो आने वाले समय में भारत एक महाशक्ति के रूप में पूरी दुनिया के सामने जाना जाएगा।

जैसे इस समय अमेरिका पूरी दुनिया में महाशक्ति के रूप में पहचाना जाता है। लेकिन इसके पीछे सच्चाई यह है कि भारत में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद है। क्वालिटी एजुकेशन पूरी आबादी को भी अच्छे तरीके से उपलब्ध नहीं है। पिछले 2014 से भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार है। वर्तमान सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है तो वही विपक्ष में बैठी कांग्रेस भारत में बेरोजगारी महंगाई और भ्रष्टाचार की बातें कह रही है।

 इधर कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में इन सब मुद्दों को भी उठाया। इससे राहत के लिए लोक लुभानेवाले वादेभी किए हैं।

2014 के शासनकाल से पहले कांग्रेस की सरकार थी और इस पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे।

जन लोकपाल विधेयक लाने के लिए अन्ना हजारे का आंदोलन आपको याद ही होगा। उस समय देश की जनता के मांग पर जन लोकपाल बिल कांग्रेस नहीं लाई। ‌ इसके बाद यह एक बहुत बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इसके बाद सरकार बदल गई।

2014 में बहुमत से केंद्र में भाजपा की सरकार आई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरा कार्यकाल भी शुरू हुआ। अब सवाल उठता है कि तीसरा कार्यकाल भाजपा के खाते में हासिल होगा!

कुछ मुद्दे भारतीय जनता पार्टी के फेवर में रहे हैं। ऐसे में मीडिया चैनल रिपोर्ट में देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर सरकार बनती हुई नजर आ रही है।

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लेकिन सबसे बड़ा सवाल? क्या बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी भ्रष्टाचार और विकास इस चुनाव में मुद्दा बन पाएगा। शायद नहीं ; क्योंकि भारत संभावित महाशक्ति के तौर पर अब आगे बढ़ चुका है। लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के हाथ में है।

बता दे कि  भाजपा दल (बीजेपी) भी कांग्रेस को जवाब देने के लिए अपना मेनिफेस्टो जल्द ही लाने वाला है।

बरहाल राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चुनाव के बाद बहुत तेजी से शुरू हो जाता है। ‌ लेकिन जनता के मन में बहुत से सवाल है, उनके जवाब भी वह खोजती नजर आ रही है।

आर्टिकल सारांश 

दोस्तों संभावित महाशक्ति के बारे में यह आर्टिकल आपको कैसा लगा। राजनीतिक दलों द्वारा सुपर पोटेंशियल के रूप में भारत की पहचान बन गई ऐसा बताया जा रहा है। संभावित महाशक्ति के होड़ में चीन भी लगा हुआ है। लेकिन अमेरिका और रूस एक महाशक्ति के रूप में इस दशक में खुद को स्थापित किए हुए हैं। भारत के राजनीतिक संबंध अमेरिका और रूस से अच्छे हैं। इसके अलावा ब्रिटेन और गल्फ कंट्री से भी रिश्ते अच्छे होने के कारण भारत एक संभावित महाशक्ति के रूप में उबड़कर सामने आ रहा है इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है। ‌

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